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यूपी में कंट्रोल से बाहर क्राइम!

उत्तर प्रदेश में क्राइम कंट्रोल होने का नाम ही नहीं ले रहा है। यहां बुलंदशहर से एक वकील ८ दिनों से लापता थे। अब ८ दिनों बाद उनकी लाश मिली है। लापता वकील धर्मेंद्र चौधरी की डेड बॉडी एक मार्बल गोदाम से मिली है। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि पैसे के लेन-देन को लेकर दोस्त ने ही धर्मेंद्र चौधरी की हत्या की है। कांग्रेस महासचवि प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले पर राज्य सरकार पर हमला किया है और कहा है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना और क्राइम दोनों ही आउट ऑफ कंट्रोल है।

मिली जानकारी के मुताबिक ये मामला बुलंदशहर जिले के खुर्जा नगर कोतवाली का है। पुलिस का दावा है कि वकील धर्मेंद्र चौधरी की हत्या उसके दोस्त ने की है। रिपोर्ट के मुताबिक वकील धर्मेंद्र चौधरी को पहले किडनैप किया गया था, इसके बाद उसकी हत्याकर शव को गोदाम में छिपा दिया गया। पुलिस जांच के दौरान पता चला है कि धर्मेंद्र चौधरी ने अपने दोस्त को ८१ लाख रुपए दे रखे थे। बुलंदशहर पुलिस का कहना है कि धर्मेंद्र चौधरी जब बार-बार पैसे मांगने लगा तो उसे किडनैप कर लिया गया, इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक धर्मेंद्र चौधरी की किडनैपिंग ८ दिन पहले हुई थी। पुलिस की कई टीमें कई दिनों से उसकी तलाश कर रही थी। देर रात धर्मेंद्र के मॉर्बल गोदाम में अधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी का नग्न शव बरामद हुआ। इस बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश में बढ़ते जंगलराज और कानून व्यवस्था की लचर हालत पर एक बार फिर सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर चिंता जाहिर की है।

संभल में रामौतार शर्मा नाम के व्यक्ति की हत्या की घटना का उल्लेख करते हुए प्रियंका ने कहा है कि दिन दहाड़े आम लोगों के साथ घट रही आपराधिक घटनाओं के चलते प्रदेश के आमजनों के मन में एक डर का भाव बैठ गया है। उप्र में क्राइम और कोरोना दोनों बेलगाम हो चुके हैं। प्रियंका ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में अपहरण एक उद्योग बन चुका है और हत्या एक रोजनामचा। लूट एवं बलात्कार की घटनाओं से प्रदेश दहल उठा है। यह सब सिर्फ एक चीज की तरफ इशारा करता है कि किसी न किसी कारण अपराधी बेखौफ हैं और शासन-प्रशासन का इकबाल खत्म हो गया है। प्रियंका ने कहा कि संभल जिले के चंदौसी में रहनेवाले रामौतार शर्मा जी इफ्को किसान सेवा केंद्र से सेवानिवृत्त थे और गांव बिचेटा चौराहे पर एक खाद की दुकान चलाते थे। ३० जुलाई २०२० की शाम को दुकान से वापस जाते वक्त बदमाशों ने रामौतार शर्मा और उनके बेटे पर गोली चलाई और उनके पैसे लूट लिए। इस घटना में रामौतार शर्मा की मृत्यु हो गई और उनके बेटे बाल-बाल बचे। प्रियंका गांधी ने पत्र में मांग की है कि जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ कर शर्मा के परिवार को न्याय दिलाया जाए। साथ ही साथ रामौतार शर्मा के परिवार के लिए आर्थिक मदद की भी प्रदेश सरकार घोषणा करे।