सिग्नल से बची सैकड़ों की जान!, कसाब ब्रिज का स्लैब गिरा, हादसे में ५ की मौत

मुंबई में कल गुरुवार शाम छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के पास एक बड़ा हादसा हुआ। अंजुमन-ए-इस्लाम स्कूल से सीएसएमटी की ओर जानेवाला एक फुटओवर ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया। कसाब ब्रिज के नाम से चर्चित करीब ३५ वर्ष पुराने इस एफओबी का नाम हिमालय है। शाम को व्यस्ततम समय में घटी इस दुर्घटना के दौरान ब्रिज पर रेलवे यात्रियों की काफी भीड़ थी। उत्तरी छोर पर स्थित इस एकमात्र ब्रिज के ६० फीसदी हिस्से का स्लैब गिरने के कारण ५ लोगों की मौत हो गई और करीब ३ दर्जन लोग जख्मी हो गए। यह हादसा बड़ा भी हो सकता था क्योंकि ब्रिज के नीचे से गुजरनेवाली सड़क पर वाहनों का आवागमन निरंतर जारी रहता है। प्रत्यक्षदर्शी टैक्सी चालक मोहम्मद अख्तर अंसारी की मानें तो ब्रिज से थोड़ी दूर पर सीएसएमटी के मुख्य प्रवेश द्वार के पास लगे सिग्नल की बत्ती लाल होने से बड़ी संख्या में वाहन रुक गए थे और सैकड़ों लोगों की जान इस सिग्नल से बच गई।

मुंबई पुलिस के मुताबिक गुरुवार शाम साढ़े ७ बजे के करीब उत्तरी छोर पर मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के प्लैटफॉर्म नंबर १ की ओर जानेवाला फुटओवर ब्रिज का स्लैब अचानक गिर पड़ा, जिसकी चपेट में कई लोग आ गए। इस हादसे में वहां से गुजरनेवाली कुछ टैक्सियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। क्षतिग्रस्त ब्रिज मनपा का बताया जाता है। पिछले वर्ष अंधेरी गोखले पुल हादसे के बाद मुंबई के कुल ३४४ पुल, एफओबी और आरओबी का स्ट्रक्चरल ऑडिट किया गया था। इस ऑडिट में क्षतिग्रस्त हुए हिमालय ब्रिज में मामूली मरम्मत का सुझाव भी दिया गया था। हालांकि एक साल होने के बाद भी मनपा प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते कल ये हादसा हो गया। दुर्घटना के बाद तत्काल मौके पर पहुंची रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम ने आम लोगों की मदद से घायलों को मलबे से बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।


बता दें कि बीते १० वर्षों में शहर में हुए पुल हादसों में कुल ७९८ लोगों की मौत हुई है। वर्ष २०११ से २०१५ के बीच २७२ लोगों की मौत हो चुकी है। खबर लिखे जाने तक ब्रिज के खतरनाक हिस्से को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त करने का काम जारी था, वहीं मुंबई पुलिस इसको लेकर दोषियों पर आपराधिक मामला दर्ज करने की तैयारी में थी।

 

हादसे में ५ की मौत
गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज ट

र्मिनस के पास घटित घटना में ५ लोगों की मौत हो गई और ३६ लोग जख्मी हो गए। मृतकों में ३ महिलाएं थीं। मृतकों की पहचान अपूर्वा प्रभु (३५), रंजना तांबे (४०), सारिका कुलकर्णी (३५), तपेंद्र सिंह (३५) और जाहिर सिराज खान (३२) के रूप में हुई है। मृतक महिलाओं में से दो महिलाएं सेंट जॉर्ज अस्पताल की कर्मचारी बताई जाती हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए सेंट जॉर्ज और जीटी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

८ एफओबी अभी भी कर सकते हैं घात

अंधेरी में मॉनसून के समय घटित गोखले पुल के हादसे के बाद मनपा ने मुंबई के ३४४ पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट किया था। मुंबई के तमाम पुलों का ऑडिट कर उसमें खतरनाक पुलों, एफओबी मरम्मत के लायक पुलों को वर्गीकृत किया गया था। बता दें कि इन सभी पुलों में १८ पुलों को मनपा द्वारा जर्जर घोषित कर दिया गया था। इन १८ पुलों में से ८ एफओबी और १० अन्य पुल थे। इसके अलाावा ४८ पुलों को तत्काल मरम्मत की आवश्यकता थी।