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कर्व हुआ कम लोकल हुई फास्ट

पश्चिम रेलवे के उपनगरीय मार्ग पर अब लोकल और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की स्पीड पहले से अधिक फास्ट होगी। लॉकडाउन के दौरान पश्चिम रेलवे ने बांद्रा और खार रोड लाइन पर बड़े पैमाने पर इंजीनियरिंग वर्क किए हैं। इससे इस मार्ग पर आनेवाले कर्व को कम करना संभव हुआ है, जिससे इन मार्गों के बीच ट्रेनों की गति पर लगनेवाले प्रतिबंध हट गए हैं और अब ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी।

हटाए गए १७ मोड़
महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग कार्यों के अंतर्गत पश्चिम रेलवे ने
लॉकडाउन की तमाम मुश्किल चुनौतियों के बावजूद १७ टर्न आउट्स को खत्म करने का बड़ा काम किया।

स्लीपर हुए चेंज
केवल ५७ दिनों में ४०० ट्रैक मीटर रेल और १,२०० स्लीपरों का नवीनीकरण किया गया। इस काम के पूरा होने के बाद सुपर एलिवेशन को ६० मिमी से बढ़ाकर १०५ मिमी कर दिया गया है, जिसके फलस्वरूप स्थाई गति से प्रतिबंध हटाने का लक्ष्य संभव हो पाया है।

यहां बढ़ी रफ्तार
इंजीनियरिंग वर्क के कारण १४/२२ किमी से १६/१ किमी तक के १.१९१ किमी लंबे रेल ट्रैक पर ६० किमी प्रति घंटे की रफ्तार को बढ़ाना संभव हो पाया है। इसमें १४/२२ किमी से १५/६ किमी तक और १५/१२ किमी से १६/१ किमी तक कुल ९०१ मीटर लंबे रेल ट्रैक पर १०० किमी प्रति घंटे की सामान्य गति तक तथा १५/६ किमी से १५/१२ किमी तक, जबकि शेष २९० मीटर लंबे रेल ट्रैक पर ९० किमी प्रति घंटे की गति तक रफ्तार बढ़ाना संभव हो पाया है। इस उपलब्धि की बदौलत परिचालन समय में ९० सेकेंड की बचत होगी।

क्या कहते हैं अधिकारी
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर ने बताया कि इन मार्गों पर किए गए इंजीनियरिंग वर्क के कारण पश्चिम रेलवे द्वारा अब डाउन दिशा में जानेवाली लोकल ट्रेनों के अलावा मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की गति में भी काफी सुधार किया जा सकेगा।