" /> सुरक्षित नहीं ऑनलाइन मीटिंग के जूम जैसे ऐप : साइबर सेल ने किया एलर्ट

सुरक्षित नहीं ऑनलाइन मीटिंग के जूम जैसे ऐप : साइबर सेल ने किया एलर्ट

महाराष्ट्र साइबर विभाग ने ऑनलाइन होनेवाली चर्चाओं और बैठकों को लेकर सावधानी का अलर्ट जारी किया है। साइबर सेल ने लोगों को सतर्क किया है कि जूम जैसे कई ऐप सुरक्षित नहीं हैं।
साइबर सेल के मुताबिक वर्तमान में लॉकडाउन के दौरान कई लोग घर से काम कर रहे हैं। लिहाजा सहकर्मियों के साथ उनकी सभी बैठकें ऑनलाइन की जा रही हैं। इन ऑनलाइन बैठकों के लिए सॉफ्टवेयर ऐप जैसे जूम, माइक्रोसॉफ्ट मीटिंग, स्काइप, सिसको वीबेक्स आदि का उपयोग किया जा रहा है। सबसे ज्यादा लोग जूम ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। महाराष्ट्र साइबर सभी नागरिकों, विशेषकर उन लोगों से आग्रह करता है जो जूम ऐप का उपयोग करते हैं, इस ऐप का उपयोग करते समय सावधान रहें। साइबर हैकर्स ने जूम ऐप की तरह ही कुछ मॉलवेयर और फर्जी ऐप बनाए हैं। यदि आप इसे डाउनलोड करते हैं, तो आपकी सभी बैठकें रिकॉर्ड की जाएंगी। हैकर्स आपकी सभी जानकारी प्राप्त करने में सक्षम होंगे। आपके डिवाइस (मोबाइल, कंप्यूटर) को भी इन साइबर हैकर्स द्वारा हैक किया जा सकता है।
महाराष्ट्र साइबर विभाग की ओर से अपील की गई है कि सभी नागरिकों को आधिकारिक वेबसाइट या प्लेस्टोर से ही जूम ऐप डाउनलोड करना चाहिए। जब भी संभव हो आप ऐसी बैठकों में किसी भी गोपनीय जानकारी को साझा करने से बचें या इसे सीधे संबंधित लोगों को दें। मीटिंग प्रबंधक को संबंधित व्यक्ति से सीधे मीटिंग का आईडी और पासवर्ड के संबंध में संवाद करना चाहिए। पासवर्ड थोड़ा जटिल रखना चाहिए ताकि किसी अन्य व्यक्ति को समझना मुश्किल हो। संबंधित मीटिंग व्यवस्थापक या होस्ट को केवल मीटिंग के विषय के लिए संबंधित व्यक्ति के लॉगिन अनुरोध को स्वीकार करना चाहिए। महाराष्ट्र साइबर सेल के विशेष पुलिस महानिरीक्षक ने मुताबिक राज्य में कुल 444 साइबर संबंधित मामले दर्ज किए गए हैं और 238 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें 185 मामले आपत्तिजनक व्हाट्सएप संदेशों को अग्रेषित करने के लिए दर्ज किए गए हैं, 175 मामले आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट साझा करने, 23 मामले टिकटॉक वीडियो साझा करने और ट्विटर के लिए दर्ज किए गए हैं।