" /> कोख की लुटेरी को मृत्युदंड!… भ्रूण चुराने के लिए फाड़ा था गर्भवती का पेट

कोख की लुटेरी को मृत्युदंड!… भ्रूण चुराने के लिए फाड़ा था गर्भवती का पेट

संतान की चाहत ने एक महिला को हैवान बना दिया था। उस महिला ने एक अन्य गर्भवती महिला की हत्या कर दी थी और उसका पेट फाड़ कर उसका भ्रूण चुरा लिया था। वर्ष २००४ में अमेरिका के मिसौरी में हुई इस सनसनीखेज घटना की दोषी महिला को कल मौत की सजा दे दी गई। इसी के साथ वह अमेरिका में बीते ७ दशकों में सजा-ए-मौत पानेवाली पहली महिला बन गई है। सुप्रीम कोर्ट ने हत्या की दोषी लीजा मोंटगोमेरी की मौत की सजा पर रोक लगाने वाले एक आदेश को पलट दिया। ५२ वर्षीय लिसा मोंटगोमरी को इंडियाना के टेरे हाउते में संघीय जेल परिसर में जहरीला इंजेक्शन लगाने के बाद १.३१ बजे मृत घोषित किया गया।
बता दें कि लीसा मोंटगोमेरी ने १६ दिसंबर, २००४ को उत्तर पश्चिमी मिसोरी के स्किडमोर में बॉबी जो स्टिनेट के घर में घुसकर रस्सी से उनका गला घोंटकर हत्या कर दी थी। बॉबी तब आठ महीने की गर्भवती थी। लीसा ने किचन में इस्तेमाल होने वाले चाकू से बॉबी का पेट चीर और उसकी बच्ची को पेट से निकालकर वहां से फरार हो गई। वह बच्ची को अपना बताने के इरादे से वह वहां से लेकर भाग गई थी। मोंटगोमेरी को वर्ष २००७ में २३ वर्षीय बॉबी स्टिनेट की हत्या और उसके भ्रूण के अपहरण का दोषी पाया गया था और उसे मौत की सजा देने का आदेश दिया गया था। लेकिन मोंटगोमेरी के वकील लंबे समय से उसकी मौत की सजा का विरोध करते रहे हैं। ८ जनवरी को उसे जहर का इंजेक्शन देकर सजा-ए-मौत देने का निर्णय लिया गया लेकिन मोंटगोमेरी की सजा पर ऐन वक्त पर ८वें सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने रोक लगा दी थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे पलट दिया और लीसा को कल मौत की सजा दे दी गई। अमेरिकी न्याय विभाग ने लीसा मोंटगोमेरी को इंडियाना के टेरे हाउते की जेल में स्थानीय समय रात १:३१ बजे मृत घोषित किया गया। वह जुलाई के बाद से घातक इंजेक्शन प्राप्त करने वाली ११ वीं वैâदी थी, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, मृत्युदंड के प्रबल समर्थक ने संघीय फांसी को फिर से शुरू किया। महिलाओं के मामले में लीसा पहली दोषी है, जिसे १९५३ के बाद मृत्युदंड दिया गया है। मोंटगोमेरी को मौत की सजा ऐसे समय में दी गई जब दो और मामलों में कोर्ट ने वैâदी के कोरोना पॉजिटिव होने के कारण मौत की सजा पर रोक लगा दी। अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन मौत की सजा के खिलाफ हैं। ये मृत्युदंड बाइडेन के उद्घाटन से पहले दिए जा रहे हैं। ट्रंप के शासन के दौरान १० संघीय कैदियों को मृत्युदंड मिल चुका है।