" /> ३ घंटे में  फैसला!,  रु. ६५० की स्वदेशी किट मिटाएगी कोरोना की शंका

३ घंटे में  फैसला!,  रु. ६५० की स्वदेशी किट मिटाएगी कोरोना की शंका

कोरोना की महंगी जांच से अब आम आदमी को जल्द ही छुटकारा मिलेगा। हिंदुस्थान ने अब अपनी स्वदेशी तकनीक विकसित कर ली है और आईआईटी दिल्ली के विद्यार्थियों ने कोरोना किट बना लिया है। इस किट की खासियत है कि यह काफी सस्ती है और तीन घंटे में पैâसला कर देती है कि कोरोना है कि नहीं।
देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों के बीच इस महामारी से लड़ाई जारी है। इस बीच अब आईआईटी दिल्ली ने एक नई टेस्टिंग किट को लॉन्च किया है। इस टेस्टिंग किट को बुधवार को ही लॉन्च किया गया है, जो सस्ते दामों में जल्द ही मार्वेâट में उपलब्ध होगी। मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत बनी इस किट की कीमत सिर्फ ३९९ रुपए है, हालांकि बाजार पहुंचते हुए इसकी कीमत ६५० रुपए तक हो जाएगी। आईआईटी दिल्ली की ओर से दावा किया गया है कि इस किट से ३ घंटे के अंदर कोरोना वायरस टेस्ट का रिजल्ट सामने आ जाएगा और शंका मिट जाएगी कि कोरोना है कि नहीं। ऐसे में अगर ये सफल होती है तो टेस्टिंग के मामले में एक बड़ी सफलता मिल सकती है।
आईआईटी दिल्ली की ओर से जो कोरोना जांच किट लॉन्च की गई है, उसके दाम इस प्रकार हैं।
टेस्ट किट : ३९९
आरएनए किट : १५०
बाजार में किट की कीमत: ६५०
इसके अलावा अभी एक किट को तैयार किया जा रहा है। दावा किया गया है कि इस किट का दाम इसलिए कम है, क्योंकि इस टेस्ट के बाद दूसरी जांच की जरूरत नहीं होगी। जैसे अभी एंटीजन टेस्ट में नेगेटिव आने के बाद एक और आरटीपीसीआर टेस्ट करना पड़ता है। आईआईटी दिल्ली की ओर से अब किट को बनाने की तकनीक को न्यूटेक मेडिकल डिवाइस के साथ साझा किया जा रहा है, जिसके बाद हर महीने बीस लाख टेस्ट किए जा सकेंगे। आपको बता दें कि देश में जब से कोरोना वायरस का संकट आया है, उसके बाद से कई मामलों में मेक इन इंडिया को बढ़ावा दिया गया है। पहले सभी टेस्टिंग किट और टेस्टिंग टूल को बाहर से मंगाया जा रहा था। लेकिन जैसे-जैसे मांग बढ़ने लगी, तो इन्हें भारत में बनाया जाना शुरू हुआ। अब भारत में कई प्रकार से कोरोना वायरस का टेस्ट किया जा रहा है, जिसमें आरटीपीसीआर, एंटीजन, पूल टेस्टिंग की तकनीक शामिल हैं। भारत अब पीपीई किट, मास्क, टेस्टिंग किट, वेंटिलेटर सभी देश में ही बना रहा है।