" /> कोरोना को हराना है!, सभी जिलों में विशेषज्ञ डॉक्टर होंगे तैनात, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिया जिलाधिकारियों को निर्देश

कोरोना को हराना है!, सभी जिलों में विशेषज्ञ डॉक्टर होंगे तैनात, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिया जिलाधिकारियों को निर्देश

‘मृत्यु दर रोकना महत्वपूर्ण, रोगियों के संपर्कवालों की खोज में नहीं चाहिए ढिलाई’

हम पिछले ३ महीने से कोरोना लड़ रहे हैं। अगर हम अच्छे तरीके से मरीजों की संख्या को दोगुना करने से रोकते हैं, तो भी मृत्यु दर में वृद्धि होना सही नहीं है।  लॉकडाउन को शिथिल किया गया है, इसलिए कुछ जिलों में रोगियों की संख्या बढ़ रही है। कोरोना रोगियों के संपर्क में आनेवालों के खोजबीन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने की जरूरत नहीं है। प्रत्येक जिले में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टास्क फोर्स तैयार की जानी चाहिए। ऐसा निर्देश मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जिलाधिकारियों को दिए। उन्होंने कल राज्य के विभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी, मनपा आयुक्तों से कोरोना परिस्थिति का वीडियो कांप्रâेंसिंग के माध्यम से जायजा लिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे भी मौजूद थे।

मुंबई में हमने जो डॉक्टरों की टास्क फोर्स की स्थापना की, उन्हें अच्छा इस्तेमाल किया गया। प्रत्येक जिले या विभाग में ऐसे टास्क फोर्स का गठन किया जाना आवश्यक था, क्योंकि रोगियों की संख्या बढ़ रही थी। ऐसा कहते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में विशेषज्ञ डाक्टरों की टॉक्स फोर्स तैयार करो और मुंबई के डॉक्टरों से हमेशा संपर्क में बने रहो। वरिष्ठ डॉक्टरों की भागीदारी को बढ़ाना महत्वपूर्ण है क्योंकि उपचार के तरीकों और दवाओं के बारे में स्वास्थ्य मंत्रालय से कई सुझाव आ रहे हैं। यह कई मामलों में साबित हुआ है कि समय पर दवा मिलने पर मरीज ठीक हो जाते हैं। राज्य में मरीजों की रिकवरी दर भी बहुत अच्छी है। प्रयोशाला से जांच की रिपोर्ट जल्द मिलनी चाहिए। कई जगहों से शिकायत मिली है कि जांच रिपोर्ट मिलने में ७२ घंटे लगते हैं, तो यह एक गंभीर विषय है और किसी भी परिस्थिति में इस तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा। केंद्र और राज्य द्वारा ट्रैकिंग और ट्रेसिंग के मामले में जो उचित मार्गदर्शन दिया गया है, उसके अनुसार होना चाहिए। कुछ स्थानों पर वरिष्ठ चिकित्सक अपनी उम्र और अन्य बीमारियों के कारण कोविड रोगियों की जांच नहीं करते हैं, जबकि जूनियर डॉक्टर कोविड जिम्मेदारियों को संभाल रहे हैं। यह बात सामने आई है। अगर ये वरिष्ठ डॉक्टर सीधे तौर पर कोविड का इलाज नहीं करना चाहते हैं, तो वे अस्पताल में मौजूद रह सकते हैं और अन्य डॉक्टरों का मार्गदर्शन कर सकते हैं या वे कंप्यूटर, स्मार्ट फोन वैâमरे के माध्यम से खुद को सुरक्षित रख कर आसानी से उपचार का मार्गदर्शन कर सकते हैं। ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि कोरोना रोगियों के संपर्क में आए लोगों को तेज गति से खोजने की आवश्यकता है। मीरा भाईंदर, पुणे ,पिंपरी चिंचवड, नाशिक, धुले, लातूर, अमरावती, संभाजीनगर आदि मनपा क्षेत्रों में कोरोना परिस्थितियों का जायजा बैठक में लिया गया।

प्रधान सचिव स्वास्थ्य डॉ. प्रदीप व्यास ने कहा कि शुरू में रोग के दोगुना होने का दिन २१.३ था, अब २३.१ हुआ है, रिकवरी रेट ५०.४ है। जबकि देश में रिकवरी रेट ५३.८ प्रतिशत है। इसी प्रकार मृत्यु दर ३.७ से ४.८ प्रतिशत होने की उन्होंने जानकारी दी।