" /> मीरा-भाइंदर में धारावी पैटर्न शुरू हुई चेस द वायरस मुहिम, सफल हुआ सरनाईक का प्रयास

मीरा-भाइंदर में धारावी पैटर्न शुरू हुई चेस द वायरस मुहिम, सफल हुआ सरनाईक का प्रयास

मुंबई स्थित धारावी की तर्ज पर मीरा-भाइंदर शहर में भी ‘चेस द वायरस’ मुहिम की शुरुआत मनपा प्रशासन ने की है। इसमें शीघ्र ही १००० बेड के कोविड केयर सेंटर अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू करने, ‘क्वारंटाइन सेंटर’ में अलगीकरण किए गए लोगों के लिए उत्तम दर्जे के खान-पान की व्यवस्था, साफ-सफाई पर ध्यान देने के लिए ‘फैसिलिटी मैनेजर’ की नियुक्ति शामिल है। मनपा आयुक्त डॉ. विजय राठौड़ ने शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक क पत्र लिखकर बताया है कि २७ जुलाई को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के जन्मदिन के अवसर पर स्व. प्रमोद महाजन हॉल व स्व.मीनाताई ठाकरे इमारत में ३७६ ऑक्सीजन युक्त बेड के साथ समर्पित कोविड सेंटर शुरू करने तथा मीरा-भाइंदर शहर के निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे कोरोना पीड़ितों के बिलों की ऑडिट करने के लिए ऑडिटर नियुक्त किया जाएगा। मनपा आयुक्त ने ऐसा कोरोना मरीजों के इलाज को लेकर सरनाईक द्वारा की गई पांच मांगों के जवाब में बताया है। सरनाईक ने इन सभी मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। मनपा आयुक्त ने बताया है कि मनपा प्रशासन ने कोरोना की रैपिड एंटीजेन जांच करने की शुरुआत भी कर दी है। इसकी सहायता से शहर के कंटेन्मेंट जोन और झोपड़पट्टी परिसर में कोरोना के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा मीरा-भाइंदर मनपा को फिलहाल ४ हजार किट उपलब्ध कराई गई है। मनपा प्रशासन एक लाख किट की खरीदारी भी करेगा, जिसमें से प्रथम चरण में १० हजार किट की मांग की गई है। बाकी की किट खरीदने के लिए राज्य सरकार से अनुदान लेने की दिशा में भी कदम उठाया गया है, ऐसी जानकारी मनपा प्रशासन ने दी है।
कोरोना को मात देने के लिए एमबीएमसी ने कसी कमर
‘मैं ही मेरा रक्षक’ का संदेश लेकर ‘चेस द वायरस’ मुहिम के तहत घर-घर जाकर जांच की जाएगी, जिसमे मनपा क्षेत्र में कार्यरत आरोग्य कर्मचारी, शिक्षक, बालवाडी शिक्षिका, आंगनवाडी शिक्षिका, आशा स्वयंसेविका, निजी स्वयंसेवक के साथ जनप्रतिनिधियों का समावेश होगा। इसके लिए प्रत्येक आरोग्य केंद्र स्तर पर ४१७ टीम के ८३४ कर्मचारी करीब ३ लाख घरों का सर्वेक्षण ५ दिन में करेंगे। ऐसी जानकारी मनपा आयुक्त डॉ. विजय राठौड़ ने दी है।

मात्र आधे घंटे में मिल जाती है जांच रिपोर्ट
रैपिड एंटीजेन किट के माध्यम से नाक से नमूने लिए जाते हैं। इस एक किट की कीमत ४५० रुपये है। अन्य माध्यमों से की गई कोरोना पॉजिटिव की जांच रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन लग जाते हैं जबकि इस किट से सिर्फ आधे घंटे में ही जांच रिपोर्ट आ जाती है। जिससे कोरोना बाधित मरीजों की पहचान कर शीघ्र उपचार करने व कोरोना के प्रसार को भी नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इसी तरह से मुंबई के धारावी क्षेत्र में ‘चेस द वायरस’ मुहिम के तहत कोरोना को नियंत्रित किया गया।