" /> पालघर-बहुचर्चित गढ़चिंचले साधु हत्याकांड : पीड़ित का पक्ष के वकील की सड़क दुर्घटना में मौत

पालघर-बहुचर्चित गढ़चिंचले साधु हत्याकांड : पीड़ित का पक्ष के वकील की सड़क दुर्घटना में मौत

गाड़ी में बैठी महिला सहकर्मी की दुर्घटना में हालत नाजुक
पालघर जिले में हुए साधुओं के बहुचर्चित हत्याकांड प्रकरण में पीड़ित साधुओं का पक्ष रखनेवाले वकील की बुधवार मुंबई-अमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर कार दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। मेढवन घाट के पास सुबह साढ़े दस बजे के करीब हुई इस दुर्घटना के समय उनके साथ में कार में बैठी एक महिला की हालत नाजुक होने के कारण उसे मुंबई के अस्पताल में रेफर किया गया है। कासा पुलिस मृतक वकील की लाश का पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार ठाणे स्थित भाइंदर के रहनेवाले 33 वर्षीय दिग्विजय त्रिवेदी पेशे से वकील हैं, जो बहुजन विकास आघाड़ी पार्टी के विधि सेल के अध्यक्ष भी थे। पालघर स्थित डहाणू के गढ़चिचले गांव में दो साधुओ 70 वर्षीय चिकणे महाराज कल्पवृक्षगिरी, 35 वर्षीय सुशीलगिरी महाराज व उनके ड्राइवर निलेश तेलगडे (30 वर्ष) की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में डहाणू कोर्ट में विश्व हिंदू परिषद की तरफ से मृतकों का पक्ष रख रहे थे। सुबह अपने घर भाइंदर से सहकर्मी महिला के साथ वैगन आर कार MH-04-HM-1704 लेकर मुंबई-अहमदाबाद राज्य मार्ग से डहाणू कोर्ट में केस की तारीख देखने के लिए रवाना हुए थे, तभी सुबह साढ़े दस बजे करीब मेढवन घाट पर पहुंचते ही अचानक वैगन आर कार पर से नियंत्रण छूट गया और गाड़ी डिवाइडर से टकराकर गाड़ी पलट गई, जिसके कारण मौके पर वकील दिग्विजय त्रिवेदी की दर्दनाक मौत हो गई, वहीं उनके साथ बैठी सहकर्मी महिला बुरी तरह घायल बताई जा रही है, जिसकी हालत नाजुक होने के कारण उसको मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटनास्थल पर कासा पुलिस ने पहुंचकर मृतक वकील की लाश का पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुट गई है।
ज्ञात हो कि डहाणू गढ़चिंचले हत्याकांड प्रकरण में पालघर के मौजूदा पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने 105 आरोपियों को चार घंटे के भीतर जंगल में छापामारी करके हवालात में पहुंचाया था। साथ ही दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड करके 35 पुलिसवालों का तबादला कर दिया था। बाद में मामला सीआईडी के पास जाने के बाद और तीन पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर सबूत के आधार पर और 40 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायालय ने उनको 18 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जिसमें 9 आरोपियों के नाबालिग होने के कारण उनको भिवंडी के सुधारगृह में भेज दिया है। वहीं इस मामले में गृह मंत्री अनिल देशमुख ने पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह को लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है।