" /> होली पर पुलिसिया सुरक्षा का असर : तांत्रिकों की योजना हुई विफल!

होली पर पुलिसिया सुरक्षा का असर : तांत्रिकों की योजना हुई विफल!

फुटपाथ पर छोड़ कर भागे दो मुंहा सांप
कंप्यूटर-स्मार्ट फोन, इंटरनेट और रॉकेट साइंस के आधुनिक युग में एक तरफ इंसान चंद्र-मंगल, शनि-सूर्य जैसे ग्रहों की हैसियत आंकने की कोशिशों में लगा है, वहीं दूसरी तरफ चंद्र-मंगल, शनि-सूर्य में विश्वास रखनेवाले कुछ अंधविश्वासी लोग तंत्र-मंत्र के झांसे में फंसकर काले जादू से लंबी उम्र, संतान-संपत्ति प्राप्त करने एवं बीमारियों से छुटकारा पाने का प्रयास करते हैं। उल्लू, दो मुंहा सांप और पेंगोलिन जैसे कई दुर्लभ जीव इंसानी फितूर का शिकार बन जाते हैं इसलिए दिवाली और होली जैसे त्यौहारों के मौके पर इन दुर्लभ वन्य जीवों की तस्करी बढ़ जाती है। होली पर तंत्र-मंत्र का ऐसा ही प्रयास कल बांद्रा में पुलिस की कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के कारण नाकाम हो गया।
सोमवार को दोपहर में बांद्रा-पूर्व के गवर्नमेंट कॉलोनी स्थित फुटपाथ पर रेंग रहे एक दो मुंहा सांप को लोगों ने देखा और इसकी सूचना ‘मानव अभ्यास संस्था’ के सर्प-मित्र अतुल कांबले को दी। अपने सहयोगी निखिल खाड़े के साथ मौके पर पहुंचे अतुल कांबले ने खेरवाड़ी पुलिस स्टेशन के अधिकारियों की उपस्थिति में मांडुल प्रजाति के विषहीन दो मुंहा सांप को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। आमतौर पर यह सांप दलदल मिट्टीवाली जगह में रहता है तथा वह शिकार की तलाश में सिर्फ रात को ही बाहर निकलता है। बांद्रा में मिले दो मुंहा सांप के बारे में अनुमान है कि तस्कर, तंत्र-मंत्र के सिलसिले में किसी को बेचने के लिए इसे लाया होगा लेकिन पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखकर उक्त तस्कर, सांप को फुटपाथ पर ही छोड़कर भाग गया होगा। तंत्र-मंत्र में विश्वास करनेवालों में ये धारणा है कि दो मुंहा सांप घर में रखने से समृद्धि प्राप्त होती है। इसी तरह इस सर्प का मांस खाने से वैंâसर की बीमारी ठीक होती है तथा मर्दाना शक्ति भी बढ़ती है। अंधविश्वास के बाजार में एक दो मुंहा सांप लाखों रुपए में बिकता है।