" /> मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का आह्वान, निजी अस्पतालों की जिद न करें; जंबो कोविड सेंटर में उत्तम उपचार

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का आह्वान, निजी अस्पतालों की जिद न करें; जंबो कोविड सेंटर में उत्तम उपचार

अनलॉक करने के बाद मुंबई में कोरोना का बढ़ता दुष्प्रभाव निश्चित ही चिंताजनक है लेकिन मुंबई मनपा की तैयारी देखने के बाद मुझे विश्वास है कि हम इस दुष्प्रभाव को अच्छी तरह रोक पाएंगे, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल व्यक्त किया। मुंबई में जंबो कोविड सेंटर में उत्तम सुविधा उपलब्ध है। मरीज निजी अस्पतालों की जिद न करते हुए जंबो सेंटर में इलाज के लिए भर्ती हों। उनका निश्चित ही अच्छा इलाज होगा, ऐसा भी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल मुंबई मनपा के सहायक आयुक्त, उपायुक्त, वैद्यकीय अधीक्षक और अस्पतालों के डीन के साथ सह्याद्रि अतिथि गृह में बैठक ली। ‘चेस द वायरस’ मुहिम के चलते आपने इस महामारी को अच्छी तरह नियंत्रित किया। पहले झोपड़पट्टी और कॉलोनियों में बढ़नेवाला कोरोना का दुष्प्रभाव अब ऊंची इमारतों व बड़ी सोसायटियों में पैâल रहा है। ८० से ८५ प्रतिशत मरीज इन भागों के हैं। कोरोना का मुकाबला करने के लिए हम १५ सितंबर से ‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ यह मुहिम राज्यस्तर पर चलाई जाएगी, ऐसा भी उन्होंने कहा। अब हर कोरोना मरीज के संपर्क में आनेवाले ३० लोगों की तलाश की जाएगी। इस बैठक में पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे, परिवहन मंत्री एड. अनिल परब, मनपा आयुक्त इकबालसिंह चहल आदि उपस्थित थे।
आगामी तीन महीने चुनौतीपूर्ण
हमने धारावी और वरली में कोरोना को नियंत्रित करने में सफलता हासिल की है। इसके लिए हमारी प्रशंसा हुई लेकिन ढिलाई न बरतते हुए और जोर से काम करें। पहले हर दिन १,००० से १,१०० मरीज मिलते थे लेकिन पिछले दो दिनों से १,७०० से १,९०० मरीज मिल रहे हैं। इसके चलते आगामी २ से ३ महीने चुनौतीपूर्ण हैं। हमें और भी मेहनत से काम करना है, ऐसा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा।
निजी अस्पतालों की तरह सुविधा
लोगों को लगता है कि जंबो कोविड सेंटर में उपचार नहीं मिलेगा लेकिन विश्व में जो भी सुविधा उपलब्ध है, वह डायलिसिस, आईसीयू ऐसी उत्तम सुविधाएं जंबो कोविड सेंटर में हैं। बड़े निजी अस्पतालों की तरह ही मनपा ने इन कोविड सेंटरों में उत्तम दर्जे की सुविधाएं और डॉक्टर उपलब्ध किए हैं।
मृत्युदर में कमी
मुंबई में पॉजिटिव मरीजों की संख्या भले ही बढ़ रही हो लेकिन मृत्यु दर कम हो रही है। जून में मृत्यु दर ५.५८ प्रतिशत थी। जुलाई में ४.८८ प्रतिशत, अगस्त में ४.०७ और सितंबर में २.६ प्रतिशत है।
११ वार्ड में मरीज कम
मुंबई मनपा के ११ वार्ड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या काफी कम है मतलब ७ से ८ प्रतिशत है। इसमें ए, बी, सी, ई, आर-उत्तर, एम-पूर्व, एम-पश्चिम, एच-पूर्व, पी-दक्षिण और एफ-उत्तर वार्ड का समावेश है।