" /> जार में फंसी कुत्ते की जान : पशु प्रेमियों ने दिलाई मुक्ति

जार में फंसी कुत्ते की जान : पशु प्रेमियों ने दिलाई मुक्ति

कोरोना लॉक डाउन के कारण आम लोग तो परेशान हैं ही, लावारिस पशुओं की भी हालत खराब हो गई है। कमाई बंद होने से लोग खर्च पर भी अंकुश लगाने लगे हैं। नतीजतन खाने-पीने की वस्तुओं की बर्बादी कम से कम हो इसका लोग खास ख्याल रख रहे हैं। इसके कारण लावारिस पशुओं को खाने के लाले पड़ गए हैं। इसका उदाहरण कल बदलापुर में देखने को मिला, जहां भोजन की तलाश में एक खाली जार में मुंह घुसाने के प्रयास के कारण एक लावारिस कुत्ते की जान पर बन आई। हालांकि तीन-दिन तक उसी हाल में भूख प्यास से बेहाल घूम रहे उस कुत्ते की जान पशु प्रेमियों के कारण बच गई।

बदलापुर (पूर्व) के कात्रप परिसर में कोरोना बंद में भूख से बेहाल एक लावारिस कुत्ता कूड़े में फेंके गए प्लास्टिक के जार में रखी खाद्य सामग्री को खाने का प्रयास कर रहा था। इसके लिए कुत्ते ने जैसे ही डिब्बे में अपना मुंह डाला उसकी गर्दन डिब्बे में फंस गई। तीन दिन तक बिना खाए-पीए गर्दन में फंसे डिब्बे को लेकर वो इधर-उधर दौड़ता रहा। परंतु कोई भी उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया। इस बात की जानकारी जैसे ही सामाजिक संस्था के लोगों को मिली उन्होंने डॉक्टर को बुलाकर कुत्ते के मुंह से  प्लास्टिक के डिब्बे को अलग कर उसकी जान बचाई। सोशल मीडिया पर इस बात की चर्चा जोर-शोर से चल रही थी कि बदलापुर (पूर्व) में भूखा-प्यासा एक कुत्ता तीन दिन से डिब्बे में फंसी गर्दन को लेकर इधर-उधर भटक रहा है। इसकी जानकारी आशा फाउंडेशन के अध्यक्ष समीर देशमुख, खुशी शुक्ला तथा यूथ ऑफ टुडे वेलफेयर फाउंडेशन के मार्शल नाडार, कोमल भागवत, धनंजय, पवन गुप्ता को लगी। सभी लोग कुत्ते की तलाश में लग गए। आखिरकार, कुत्ता बदलापुर (पूर्व) के कात्रप परिसर में दिखाई दिया। इसके बाद ‘प्राणी बचाओ’ संस्था में काम करनेवाले डॉक्टर ने प्लास्टिक का डिब्बा काटकर कुत्ते की जान बचाई। समीर देशमुख ने कहा कि हर मानव को चाहिए कि बेजुबान पशु-पक्षी यदि संकट में हो तो उनकी मदद जरूर करें।