" /> कोरोना काल में कबूतरबाजी!, ३०० एफआईआर हुए दर्ज

कोरोना काल में कबूतरबाजी!, ३०० एफआईआर हुए दर्ज

कोरोना पैâलने के बाद हरियाणा में कबूतरबाजी का काला धंधा भी उजागर हुआ है। अब तक माना जाता था कि यह धंधा सिर्फ पंजाब तक सीमित है लेकिन विदेशों, खासकर अमेरिका से डिपोर्ट किए गए लोगों ने भारत पहुंचने पर ट्रैवल एजेंटों द्वारा की गई धोखाधड़ी के कई मामले उजागर किए हैं। शिकायतें मिलने के बाद हरियाणा में कबूतरबाजों पर नकेल कसी जा रही है। हाल ही में ट्रैवल एजेंट्स की ठगी का शिकार हुए लोगों की शिकायत के आधार पर लगभग ३०० एफआईआर दर्ज की गई हैं।
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज के मुताबिक जब कोरोना काल में अचानक अमेरिका से लोगों को डिपोर्ट किया जाने लगा तो इस बात का खुलासा हुआ कि डिपोर्ट किए गए ज्यादातर लोग कबूतरबाजी का शिकार हैं और अमेरिका की जेलों में बंद थे। अनिल विज ने कहा कि कोरोना काल के दौरान अमेरिका से दर्जनों युवक डिपोर्ट किए गए। इनमें से काफी लोग हरियाणा के भी थे। मैंने आदेश दिए थे कि यह पता लगाया जाए कि ये लोग अमेरिका में किस जुर्म में जेल में बंद थे? जांच में पता चला कि ज्यादातर लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका पहुंचे थे।’ उन्होंने कहा कि जैसे ही मामला उनके संज्ञान में आया उन्होंने तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस अधिकारियों को कहा गया कि जिन लोगों को गैरकानूनी तरीके से विदेश भेजा गया है, उनके आंकड़े जुटाए जाएं। अनिल विज ने कहा कि कबूतरबाजी के शिकार लोगों की संख्या बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने एक एसआईटी का गठन किया है जो इन मामलों की गहनता से छानबीन कर रही है। पहले कुछ मामले ही सामने आए थे लेकिन जैसे ही जेल में बंद लोग ज्यादा संख्या में स्वदेश लौटने लगे, हमने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित करने का पैâसला किया। हरियाणा में कबूतरबाजी की जांच कर रही एसआईटी आईपीएस भारती अरोड़ा की अध्यक्षता में गठित की गई है। इस एसआईटी में आधा दर्जन एसपी लेवल के अधिकारी भी शामिल हैं। इस टीम को नए पुराने सभी केस को इन्वेस्टिगेट करने को कहा गया है। अनिल विज ने कहा कि कबूतरबाजी के धंधे में लिप्त लोगों के पर कुतरने के लिए जरूरी था कि एक इन मामलों की गहनता से छानबीन की जाए। अब तक लगभग ३०० एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। काफी पैसा वसूल भी किया जा चुका है जिसे लोगों को वापस किया जाएगा।