" /> कोरोना से डरो मत! संभलो!! -30 मिनट का साथ है खतरनाक- डॉक्टरों की राय

कोरोना से डरो मत! संभलो!! -30 मिनट का साथ है खतरनाक- डॉक्टरों की राय

*कोरोना का कॉन्टेक्ट टाइम है 30 मिनट
*इसके पहले मुलाकात खत्म कर लें
*इससे संक्रमण का चांस कम हो जाएगा

पूरी दुनिया में खौफ फैला देनेवाला कोरोना वायरस क्या इतना खतरनाक है कि इसके संपर्क में आते ही यह एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य में फौरन पहुंच जाता है? इस बात पर दुनिया के तमाम डॉक्टर व वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं और उनकी अपनी-अपनी राय है। डब्ल्यूएचओ ने भी इस बारे में गाइडलाइन जारी की है, जिसमें मास्क पहनना अनिवार्य बताया गया है। अब इस बारे में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और रेजिडेंट हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के डॉक्टर ए. के. अग्रवाल का कहना है कि कोरोना वायरस का कांटेक्ट टाइम 30 मिनट का है। इनका कहना है कि कोरोना से डरो मत, बल्कि इसे समझो और उस 30 मिनट को संभालो। अगर किसी कोरोना मरीज के संपर्क में कोई व्यक्ति 30 मिनट से कम समय रहता है तो उसे कोरोना वायरस से संक्रमित होने का चांस न के बराबर है।
डॉक्टर अग्रवाल बताते हैं कि फेफड़ों की टीबी का कांटेक्ट टाइम 8 घंटे का होता है। यानी अगर कोई आदमी इस टीबी के मरीज के साथ 8 घंटे रहता है तो उसे टीबी होने का चांस रहता है लेकिन अगर कोई टीबी का मरीज प्लेन में साथ में बैठा हो और प्लेन 4 घंटे बाद ही लैंड कर जाए तो उस आदमी को टीबी होने का चांस ना के बराबर होता है। डॉ. अग्रवाल कहते हैं कि कुछ लोगों का कहना है कि कोरोना का कांटेक्ट टाइम 10 मिनट का है पर हमारी जो गाइडलाइन है, उसके अनुसार यह 30 मिनट है। कनफेडरेशन ऑफ मेडिकल एसोसिएशन ऑफ एशिया की गाइडलाइन में कोरोना का कांटेक्ट टाइम 30 मिनट बताया गया है। डॉ. अग्रवाल कहते हैं कि अगर आप भीड़ में हैं, लोगों से मिलते हैं और वहां कोई कोरोना पॉजिटिव है और अगर आप 2 मिनट में मिलकर चल देते हैं तो आपको कोरोना होने का चांस नहीं है। यह ह्यूमन से ह्यूमन ट्रांसमिशन की बात है जो ड्रॉपलेट्स से होती है। अगर मैं डॉक्टर हूं और 10 पेशेंट देखता हूं और उसमें एक कोरोना का पेशेंट है, जो मुझे नहीं पता और मैं आधे घंटे से अगर कम समय उसे देता हूं तो मुझे कोरोना होने का चांस नहीं है।

समय सीमा का पालन महत्वपूर्ण
डॉ. अग्रवाल 30 मिनिट की समय सीमा को महत्वपूर्ण मानते हैं। वे कहते हैं कि अगर कोई साइकेट्रिक है तो उसे भी चाहिए कि वो अपना काउंसलिंग टाइम आधे घंटे से कम रखे। इसी तरह अगर कोई सर्जरी हो रही है तो सर्जन को भी चाहिए कि आधे घंटे से कम में वो खत्म करे और अगर सर्जरी बड़ी है तो दो सर्जन मिलकर उसे करें। आधे घंटे बाद दूसरा सर्जन ऑपरेशन करे। डॉ. अग्रवाल कहते हैं कि इसी तरह यदि आप रेस्टोरेंट में जाते हैं तो आधे घंटे से पहले वहां से निकल जाएं। पिक्चर हॉल में आधे घंटे में काम नहीं होगा इसलिए वहां ना जाएं। मॉल में भी आधे घंटे से ज्यादा में रिस्क होगा। ट्रेन यात्रा में भी यह बात ध्यान में रखनी है कि आधे घंटे में कोई यात्रा पूरी नहीं होगी इसलिए लंबी दूरी की ट्रेनों में खास ख्याल रखना पड़ेगा। मास्क पहनना पड़ेगा और वॉशरूम से आने के बाद हाथों को सैनिटाइज करना पड़ेगा। यह सब सावधानियां रखें तो कोरोना वायरस के खतरे को जीरो तो नहीं किया जा सकता पर हां मिनिमाइज जरूर किया जा सकता है। इसलिए अगर कोरोना वायरस से बचना है तो आपको हर जगह सावधानी बरतनी पड़ेगी।