" /> ड्रैगन की डील पक्की, पाकिस्तानी सैन्य हवाई अड्डों से करेगा हिंदुस्थान पर हमला!

ड्रैगन की डील पक्की, पाकिस्तानी सैन्य हवाई अड्डों से करेगा हिंदुस्थान पर हमला!

हम पर चौतरफा हमले की योजना पर काम कर रहा है चीन
चीन ने पाकिस्तान में जमा किए सैनिक
भारतीय सीमा से सटकर बनाए एयरबेस
सीमा पार के गांवों में लाल सेना की हलचल

चीन ने लद्दाख में जो किया उस पर हर कोई चर्चा कर रहा है। मगर चीन लड़ाई का यह खेल सिर्फ लद्दाख में ही नहीं खेल रहा है बल्कि वह पश्चिमी सीमा यानी पाकिस्तान में भी जोरदार तैयारी कर रहा है। उसने न सिर्फ पाकिस्तान के हवाईबेस पर अपनी वायुसेना तैनात कर दी है बल्कि पीओके से सटे गांवों में भी चीनी सैनिकों की हलचल बढ़ गई है। इस तरह ड्रैगन ने पाकिस्तान से डील पक्की कर ली है और वह पाकिस्तानी हवाई अड्डों से भी हिंदुस्थान पर हमला करेगा। इस तरह भारत पर चौतरफा हमले की योजना पर ड्रैगन काम कर रहा है।

मिलिट्री इंटेलिजेंस के सूत्रों के अनुसार चीन अब पाकिस्तान के रास्ते भारत की घेराबंदी कर रहा है। पाकिस्तान की भारत से लगती सीमा पर भारी संख्या में चीनी सैनिकों की मौजूदगी बढ़ती जा रही है। चीन भारत से लगती कश्मीर से गुजरात की सीमा पर एयरपोर्ट का जाल बिछा रहा है। चीनी सैनिकों के लिए भारतीय सीमा के पास दो एयरपोर्ट बन चुके हैं जबकि दो और एयरपोर्ट बन रहे हैं। चीन भारतीय सीमा के पास पाकिस्तान को बंकर बनाने में भी मदद कर रहा है। राजस्थान की जैसलमेर के घोटारु सीमा के ठीक सामने २५ किलोमीटर की दूरी पर कदनवाली के खेरपुर में एयरबेस पर चीनी धमक चुके हैं। वहां पर चीनी सैनिकों की मौजूदगी कुछ महीनों में बढ़ी है। बड़ी बात है कि पाकिस्तान ने इस एयरबेस पर मिग-२१ के समकक्ष चीन से मिले चेनगुड जे-७ फाइटर विमान, जे.एफ-१७ फाइटर विमान, वाई-८ रडार और कई अत्याधुनिक संसाधन आ चुके हैं। इसी तरह बाड़मेर में मुनाबाव के सामने थारपारकर एयरबेस पर भी चीनी सैनिक मौजूद हैं।

इसकी दूरी भी भारतीय सीमा से करीब २५ किमी. है। चीनी सैनिक केवल राजस्थान सीमा पर ही नहीं बल्कि गुजरात से लगती सीमा पर भी एयरबेस तैयार कर रहे हैं। गुजरात के सीमा के सामने २० किमी. दूर मिठी में एक एयरपोर्ट बन रहा है। हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि चीन की मदद से बने इस एयरपोर्ट का इस्तेमाल चीन की तेल और गैस निकालने वाली कंपनिया करेंगी क्योंकि करांची एयरपोर्ट से इन्हें यहां तक पहुंचने में दिक्कतें आती थीं, लेकिन माना जा रहा है कि ये पाकिस्तान और चीन की चाल है।

खूफिया जानकारी के अनुसार जैसलमेर के सामने पाकिस्तान के पीरकमाल और चोलिस्तान में बड़ी संख्या में चीनी सैनिक देखे जाते रहे हैं, जो कि भारत के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। वर्षों से वीरान पड़े रेगिस्तान में चीन की दिलचस्पी और सामरिक ठिकानों को बनाने की ये कोशिश भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए हैरान करनेवाली हैं। ये भी जानकारी मिली है कि कराची, जकोकाबाद, क्वेटा, रावलपिंडी, सरगोधा, पेशावर, मेननवाली और रिशालपुर जैसे एयरबेस को चीनी सैनिक अत्याधुनिक बना रहे हैं।