" /> केंद्र सरकार की नीति से व्यापारियों में बढ़ेगा टकराव : ई कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ खुदरा व्यापारियों में रोष

केंद्र सरकार की नीति से व्यापारियों में बढ़ेगा टकराव : ई कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ खुदरा व्यापारियों में रोष

केंद्र सरकार की नीति के कारण व्यापारियों में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा ई कॉमर्स कंपनियों को आगामी 21 अप्रैल से गैर जरूरी सामानों का भी व्यापार करने की अनुमति देने के मामले को लेकर खुदरा व्यापारियों ने नाराजगी जताई है। रिटेल व्यापारियों के राष्ट्रीय संगठन कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर इस निर्णय में हस्तक्षेप करने और इस पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया है।
कैट के अनुसार केंद्र सरकार के इस अन्यायपूर्ण निर्णय से देशभर के व्यापारियों में आक्रोश है। वर्तमान में सारा देश कोरोना के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। ऐसे में व्यापारी कोई विवाद नहीं खड़ा करना चाहते। पहले की भांति देशभर में जरूरी सामान की आपूर्ति श्रृखंला को बनाए रखेंगे। कैट ने पीएम मोदी का ध्यान 15 अप्रैल के गृह मंत्रालय के उस दिशानिर्देशों की ओर याद दिलाया है, जिसमें ई-कॉमर्स कंपनियों को विशेष रूप से गैर-जरूरी सामानों के लिए 21 अप्रैल से अपनी व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने की अनुमति दी गई है। यदि ई-कॉमर्स कंपनियों को सभी प्रकार के गैर-जरूरी सामान पहुंचाने की अनुमति दी जाती है, तो यह बहुत अनुचित होगा क्योंकि सरकार के आदेशानुसार खुदरा विक्रेताओं को केवल आवश्यक वस्तुओं में ही व्यापार करने की अनुमति होगी। कैट के अनुसार इससे देश के बाजार में असंतुलन पैदा होगा और अनावश्यक टकराव को बढ़ावा मिलेगा। सरकार के इस निर्णय से हिंदुस्थानी व्यापारियों को भारी निराशा हुई है।