" /> खडसे के समर्थन में आए गडकरी! खडसे के साथ पार्टी के व्यवहार पर जताया दुःख

खडसे के समर्थन में आए गडकरी! खडसे के साथ पार्टी के व्यवहार पर जताया दुःख

विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा की ओर से दी गई उम्मीदवारी के बाद चुनाव का परिणाम निर्विरोध घोषित हो गया। इसके बाद भी भाजपा में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भाजपा में निष्ठावानों को दरकिनार करके गैरनिष्ठावानों को टिकट देने का आरोप भाजपा नेता एकनाथ खडसे ने लगाया था। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने खडसे के आरोप का खुलासा मीडिया में किया था। पिछले चार-पांच दिनों से भाजपा में अंदर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप में बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने चुप्पी तोड़ी है।

गडकरी ने खडसे के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए उनका समर्थन किया है। एक चैनल से बातचीत करते हुए नितिन गडकरी ने कहा, ‘एकनाथ खडसे और मैंने गोपीनाथ मुंडे के नेतृत्व में एक साथ काम किया है। पार्टी के विस्तार में खडसे की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बहुत ही प्रतिकूल समय में, विशेषकर उत्तरी महाराष्ट्र में शानदार काम किया और पार्टी को सफलता दिलाई लेकिन आज उन्हें जो इनाम मिल रहा है, वह दुखद है। पार्टी के लिए यह ठीक नहीं है कि वह एक ऐसे कार्यकर्ता या नेता को दरकिनार करे, जो इतने सालों से पार्टी के साथ काम कर रहा है। उसके साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है। मैं इसके बारे में केवल अपना दुख व्यक्त कर सकता हूं, मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। ऐसे शब्दों में गडकरी ने अपनी भावना व्यक्त की।
गौरतलब हो कि विधान परिषद के लिए एकनाथ खडसे इच्छुक थे। अपनी इच्छा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से व्यक्त की थी। इसके साथ विनोद तावडे, पंकजा मुंडे और चंद्रशेखर बावनकुले को विधान परिषद में भेजा जाएगा, ऐसा कहा जा रहा था। भाजपा में उक्त सभी नेताओं को धक्का दे दिया गया। विधान परिषद की उम्मीदवारी घोषित होने के बाद खडसे ने राज्य के भाजपा नेताओं पर टिप्पणी की थी। खडसे ने राज्य के नेताओं के कारण टिकट नहीं मिला, ऐसा आरोप लगाया था। इसके बाद से खडसे और पाटिल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू था। इन सभी विवादों पर गडकरी ने मीडिया से बातचीत में अपनी भावना व्यक्त की।