" /> मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया आश्वस्त : मांगे हुए हर हाथ को मिलेगा काम

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया आश्वस्त : मांगे हुए हर हाथ को मिलेगा काम

४६ हजार से अधिक कामों पर ५ लाख ९२ हजार मजदूर उपस्थित
कोरोना वायरस की पृष्ठभूमि के खिलाफ राज्य में लॉक डाउन चल रहा है, उन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रोजगार गारंटी योजनाएं शुरू की गई हैं, जहां कोरोना का प्रभाव नहीं है। राज्य के विभिन्न जिलों में रोजगार गारंटी योजना के तहत 46 हजार 539 काम चल रहे हैं और 5 लाख 92 हजार 525 मजदूर उपस्थित हैं। कोरोना का प्रभाव मजदूरों में न हो इस बात की सावधानी बरतते हुए मजदूरों को काम दिया जा रहा है, जो भी काम मांगे उसे काम देने का निर्देश जिलाधकारी को दिया गया है इसलिए जल्दबाजी मत करो। जो हाथ काम मांगेगा उसे काम अवश्य मिलेगा, ऐसा आश्वासन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिया है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 19 प्रकार के कार्यों के लिए लगभग 5 लाख 87 हजार 360 कार्य शेल्फ पर तैयार किए गए हैं। कार्य प्रदान करने में सबसे आगे तीन विभाग हैं। ग्राम पंचायत क्षेत्र में सबसे अधिक काम प्रदान किए गए हैं, जो 36,046 हैं। कृषि विभाग ने 5,529 काम प्रदान किए और रेशम निदेशालय ने 1,329 काम उपलब्ध करवाकर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कोरोना का प्रभाव न हो इसके लिए सभी प्रकार की सावधानी बरतने का निर्देश मजदूरों व संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।

किन जिलों में कितने मजदूर काम कर रहे हैं?
राज्य में सबसे अधिक मजदूर भंडारा जिले में काम कर रहे हैं। भंडारा जिले में १ लाख ३१ हजार ११८ , अमरावती जिले में ६२ हजार ८८९, गोंदिया जिले में ५६ हजार १९२, चंद्रपुर में ४९  हजार ७९६, पालघर में ४४ हजार ६२२, गडचिरोली में ३२ हजार ५५१, नंदूरबार में २७ हजार १९१, नासिक में १९ हजार ५६७, यवतमाल में १७ हजार १९६, बीड में १३ हजार १३२, धाराशिव में ११ हजार ७७७, जालना में ११ हजार ७७४, धुले में ११ हजार १४६, नगर में ९ हजार ९१७, नांदेड में ८ हजार ५२१, बुलढना में ७  हजार ८७४, लातूर में ७ हजार ८७२, संभाजीनगर में ७ हजार ०४४, नागपुर में ६ हजार ९३६, जलगांव में ६ हजार ८८७, हिंगोली में ६ हजार ८३५, रत्नागिरी में ४ हजार ८७७, परभणी में ४ हजार ३६७, पुणे में ४ हजार ०१६, अकोला में ३ हजार ६८९, सोलापुर में ३ हजार ५६९, वर्धा में ३ हजार ४७७, सातारा में ३ हजार ३५३, सांगली में ३ हजार १५६, वाशिम में ३ हजार १३३, सिंधुदूर्ग में २ हजार ३४३, ठाणे में २ हजार १५६, कोल्हापुर में १ हजार ९८८, रायगड में १ हजार ५६४ मजदूर रोहयो के तहत काम कर रहे हैं।