" /> मिल का इतिहास बताएगा टेक्सटाइल्स म्यूजियम, पहले चरण का काम दिसंबर में होगा पूरा

मिल का इतिहास बताएगा टेक्सटाइल्स म्यूजियम, पहले चरण का काम दिसंबर में होगा पूरा

मुंबई का इतिहास कपड़ा मिल के बिना अधूरा है। कपड़ा मिल और यहां काम करनेवाले लाखों मिल मजदूरों का मुंबई के लिए अतुलनीय योगदान रहा है। नई पीढ़ी को इन मिलों का इतिहास मालूम नहीं होगा, जो अब ‘टेक्सटाइल्स म्यूजियम’ के माध्यम से साकार किया जाएगा।
वस्त्रोद्योग और मुंबई का विकास का लेखाजोखा इस म्यूजियम में प्रस्तुत किया जाएगा। इस म्यूजियम के लिए मुंबई मनपा के अधीन लालबाग के इंडिया यूनाइटेड मिल-१ की जगह पर स्थित सौ साल पुरानी इमारत का संवर्धन किया जाएगा। इंडिया यूनाइटेड मिल १८९० में बनाई गई थी। वहां की ४४ हजार वर्ग मीटर जमीन अब मनपा के अधीन आ गई है। मनपा के पुरातत्व विभाग की देखरेख में यह म्यूजियम बनाया जाएगा। तीन चरण में किए जानेवाले इस काम में पहले चरण का कार्य दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने इस संदर्भ में मनपा से जानकारी मांगी थी, इसके जवाब में वरिष्ठ पुरातत्व संरक्षण अभियंता संजय आढाव ने उपरोक्त जानकारी दी है।
बहुउद्देशीय प्लाजा, वस्त्रोद्योग पर म्यूरल्स
म्यूजियम के पहले चरण का काम १५ जनवरी २०१९ को शुरू किया गया। मिल के तल व आस-पास के परिसर का सौंदर्यीकरण कर बहुउद्देशीय प्लाजा और वस्त्रोद्योग पर म्यूरल बनाया जाएगा। इस पर ६.०३ करोड़ रुपए खर्च होगा, जिसमें से १.२७ करोड़ रुपए मेसर्स सवानी कंस्ट्रक्शन कंपनी को दे दिया गया है। फिलहाल बहुउद्देशीय प्लाजा का काम शुरू है, ऐसी जानकारी गलगली को दी गई है।
संगीत फव्वारा, जलपटल पर लघु फिल्म
चरण १ ब अंतर्गत विभिन्न नलियों द्वारा संगीत फव्वारा का निर्माण कर जलपटल (वॉटर स्क्रीन) पर मुंबई के कपड़ा मिल का इतिहास लघु फिल्म के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। चार वर्षों में २८ लघु फिल्म बनाए जाएंगे। १३ नवंबर २०१९ से ये काम शुरू है, उस पर २३.५७ करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह काम मेसर्स देव एस. वी. प्रीमियम वर्ल्ड कंसोर्टियम द्वारा किया जा रहा है। दोनों काम में आर्किटेक्ट व सलाहकार सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर हैं। इन दोनों काम में क्रमश: ३०.१५ लाख रुपए और १.१८ करोड़ रुपए खर्च होंगे।