" /> फडणवीस की ‘पॉलिटिकल परेड’, सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ाई धज्जियां!, कैमरे में कैद होने के लिए भाजपाइयों में मची होड़

फडणवीस की ‘पॉलिटिकल परेड’, सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ाई धज्जियां!, कैमरे में कैद होने के लिए भाजपाइयों में मची होड़

राज्य में इस वक्त मनुष्यों के लिए अति घातक कोरोना वायरस का संक्रमण काल चल रहा है। इस वायरस की न तो कोई दवा है और न ही अभी तक कोई वैक्सीन ही आई है। ऐसे में इससे बचने और इसके प्रसार को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना। यानी एक-दूसरे के साथ कम से कम २ गज की दूरी बनाए रखना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बार-बार इसकी याद दिलाते रहते हैं। मगर पीएम को अपना मार्गदर्शक माननेवाले पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कल यह बात भूल गए। कल वे मीरा-भायंदर शहर में अपनी ‘पॉलिटिकल परेड’ पर आए तो यहां सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ीं। यही नहीं, कैमरे में कैद होने के लिए उनके आगे-पीछे मौजूद रहे भाजपाइयों में भी होड़ मची रही और धक्कम-मुक्की तक का आलम रहा। फडणवीस कल उल्हासनगर गए तो वहां भी ऐसा ही नजारा नजर आया।

गौरतलब है कि फडणवीस पहले दिन से राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार पर कोरोना कंट्रोल को लेकर सवाल उठा रहे हैं और सरकार के असफल होने की दुहाई दे रहे हैं, जबकि वे बखूबी जानते हैं कि कोरोना एक-दूसरे के नजदीक आने से बढ़ता है। तब भी अपनी राजनीति चमकाने के लिए वे पॉलिटिकल फौज लेकर घूम रहे हैं। क्या इससे कोरोना का प्रसार नहीं हो रहा? ताजा उदाहरण उनके मीरा-भायंदर महानगर पालिका के इस दौरे का है। कल उन्होंने मीरा-भायंदर शहर में कोरोना पीड़ित मरीजों तथा यहां पर कोविड-१९ को नियंत्रित व रोकथाम करने के लिए मनपा प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम का जायजा लेने के लिए दौरा किया। उनके इस दौरे में सोशल डिस्टेंसिंग को खुलकर ठेंगा दिखाया गया। जिसकी तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रही है।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बेचैन हैं। मुख्यमंत्री की कुर्सी हाथ से निकल जाने के सदमे से लगता है अभी भी वे उबरे नहीं हैं इसलिए कोरोना के इस संक्रमण काल में भी उन्हें अपने पॉलिटिकल करियर की फिक्र है। यहां तक तो ठीक है पर वे यह भूल गए हैं कि इस चक्कर में वे कोरोना कैरियर भी बन जा सकते हैं। कल जिस तरह फडणवीस ने सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ार्इं, उससे तो ऐसा ही लगता है।
कल देवेंद्र फडणवीस मीरा-भायंदर शहर के दौरे पर आए थे। मीरा-भायंदर के इस दौरे के दौरान फडणवीस ने संदिग्ध कोरोना मरीजों के लिए बनाए गए क्वॉरंटीन सेंटर तथा पंडित भीमसेन जोशी अस्पताल (टेंबा) में जाकर वहां की व्यवस्था का मुआयना किया। फडणवीस ने मनपा आयुक्त डॉ. विजय राठौड़ से कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए व्यवस्था को और अधिक चुस्त करने तथा प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को भी इसमें सहयोग करने की बात कही।
इस दौरे में फडणवीस के साथ प्रवीण दरेकर, रविंद्र चव्हाण, महापौर ज्योत्स्ना हसनाले, भाजपा जिलाध्यक्ष हेमंत म्हात्रे, स्थाई समिति सभापति अशोक पाटिल आदि भी शामिल थे। जिस समय फडणवीस प्रेस व मीडिया को संबोधित कर रहे थे, उस समय कैमरे में कैद होने के लिए भाजपाइयों में होड़ मची हुई थी और खुलकर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करनेवालों को दंड
मीरा-भायंदर मनपा सीमान्तर्गत सार्वजनिक स्थानों पर चेहरे पर मास्क, रुमाल का प्रयोग नहीं करनेवालों पर ५०० रुपए, सड़क, बाजार, अस्पताल, कार्यालय जैसे सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर १००० रुपए, सभी प्रकार की दुकानें, फल, भाजी व जीवनावश्यक सामग्री विक्रेताओं को सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक अंतर) का पालन नहीं करने पर २००० रुपए तथा ग्राहकों से २०० रुपए का दंड वसूल किया जाएगा। एक बार दंडित हो चुका व्यक्ति अगर दुबारा नियमों का उल्लंघन करते पाया गया तो उससे दोगुना दंड वसूल किया जाएगा अथवा उस पर फौजदारी गुनाह भी दर्ज किया जाएगा। कोरोना वायरस के प्रादुर्भाव की रोकथाम के लिए प्रतिबंधात्मक उपाय के लिए सोमवार को मनपा आयुक्त डॉ. विजय राठौड़ ने उपरोक्त आदेश जारी किया है।

उल्हासनगर में भी सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां!
कल दोपहर देवेंद्र फडणवीस कोरोना बीमारी की व्यवस्था का जायजा लेने उल्हासनगर पहुंचे। यहां भी सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ीं। इस दौरे का उल्हासनगर के मनपा के सत्ता पक्ष ने जहां बहिष्कार किया, वहीं फडणवीस यहां के सरकारी अस्पताल में बाहर से ही झांक कर चले गए। देवेंद्र फडणवीस, प्रवीण दरेकर के साथ २० से ३० गाड़ियों के काफिले के साथ यहां आए थे। उनके आगे-पीछे भाजपाई परिक्रमा कर रहे थे। भीड़ काबू में नहीं थी और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा माखौल उड़ाया गया। इस दौरे में सत्ताधारियों को सूचना न देने के कारण महापौर समेत सभी नगरसेवकों ने फडणवीस के इस दौरे का बहिष्कार किया, ऐसी जानकारी शिवसेना नगरसेवक व उपशहर प्रमुख अरुण आसान ने दी। सिविल अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर कैलाश पवार से अस्पताल के मुख्य द्वार पर दोनों नेताओं को जानकारी दी। उसके बाद उमपा आयुक्त डॉक्टर राजा दयानिधि से मिलकर और जानकारी लेकर वे वापस लौट गए।