" /> दस्तावेज चुराकर बनाए फर्जी आधार-सिम कार्ड, कोरोना मृतक के खाते से उड़ा रहे थे पैसा

दस्तावेज चुराकर बनाए फर्जी आधार-सिम कार्ड, कोरोना मृतक के खाते से उड़ा रहे थे पैसा

वैश्विक महामारी कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन में लोग बीमारी और बेकारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों की रोजी-रोटी छिन गई है लेकिन इसी दौरान कुछ ऐसे ठग हैं, जिनका धंधा दिन दूना तो रात चौगुना रफ्तार से बढ़ा है। ऑनलाइन ठगी के जरिए लोगों का माल उड़ानेवाले ठग अब तक नई-नई तरकीबों से पुलिस और पीड़ितों को हैरान करते ही रहे थे लेकिन अब ठग चोरी भी करने लगे हैं। कुछ ऐसे ही मामले का खुलासा मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की यूनिट-११ ने किया है। एक भवन निर्माता की कोरोना से मौत के बाद उसके दस्तावेज चुराकर उसके खाते से करोड़ों रुपए उड़ाने की तैयारी कर रहे ४ ठगों को यूनिट-११ की टीम ने गिरफ्तार किया है।
बता दें कि यूनिट-११ के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चिमाजी अढ़ाव को उनके सूत्रों से कोरोना मृतक के खाते से पैसा उड़ाने की तैयारी कर रहे गिरोह की सूचना मिली थी। डीसीपी अकबर पठान के मार्गदर्शन व यूनिट-११ के पीआई रईस शेख के नेतृत्व में सलील भोसले, एपीआई शरद झीने, विशाल पाटिल व उनके सहयोगियों ने दहिसर की झोपड़पट्टी में स्थित एक झोपड़े में छापा मारकर शफीक मेहबूब शेख, प्रितेश उर्फ पिंटू माडलिया, अरशद रफीक सैयद और स्वप्निल विनोद ओगलेकर नामक चार लोगों को हिरासत में लिया। आरोपियों में शामिल शफीक महमूद शेख बिल्डर का कर्मचारी बताया जा रहा है। आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन व जुहू के एक भवन निर्माता का आधार कार्ड तथा बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज यूनिट-११ की टीम को मिले। जांच करने पर पता चला था कि भवन निर्माता की कुछ दिन पहले कोरोना से मौत हो गई थी। उनकी बूढ़ी पत्नी बीमार थी तथा उनके मैनेजर ने कुछ दिन पहले भवन निर्माता के ऑफिस से नकदी और दस्तावेजों की चोरी की शिकायत जुहू पुलिस थाने में दर्ज कराई थी। उन्हीं दस्तावेजों के सहारे भवन निर्माता का डुप्लीकेट आधारकार्ड और सिम कार्ड हासिल किया था। ठग फर्जी सिम पर ओटीपी की मदद से गूगल पे एवं दूसरे ऐप के जरिए कोरोना मृतक भवन निर्माता के बैंक खाते से करोड़ों रुपए उड़ाने की तैयारी में थे। ऐसा खुलासा आरोपियों के पास से मिले लैपटॉप और मोबाइल में आए ओटीपी नंबर से हुआ है।