पुलिस के रडार पर फर्जी डॉक्टर

फर्जी डिग्री हासिल कर मरीजों की जान से खिलवाड़ करनेवाले मुंब्रा-कौसा के डॉक्टरों के विरुद्ध पुलिस ने अभियान छेड़ दिया है। इस वजह से डॉक्टरों में हड़कंप मचा हुआ है। एक युवक की मौत के मामले में अब तक भिवंडी, मुंब्रा तथा कौसा के तीन डॉक्टरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुंब्रा-कौसा में फर्जी डिग्री के दम पर मरीजों का इलाज कर रहे दर्जनों डॉक्टर पुलिस के रडार पर आ गए हैं। इसकी वजह से कई फर्जी डॉक्टर अपनी दुकान बंद कर तथा बोर्ड हटाकर घर बैठने को मजबूर हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि २४ अप्रैल को शील डायघर स्थित बुरहानी अस्पताल में इलाज के दौरान २४ वर्षीय युवक अंकित पाटील की तबीयत बिगड़ गई थी और दो दिन बाद एक दूसरे अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। अंकित का इलाज करनेवाले डॉक्टर मो. दाऊद खान के डिग्रियों की जांच की गई तो वे फर्जी पाई गर्इं। अंकित की मौत के मामले में पुलिस ने दाऊद को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले की जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि दाऊद की एमडी (एएम), सीसीएच, सीजीओ, डीएमएलटी, डीएचईएस तथा पीजीडी एमएलएस डिग्री फर्जी है। दाऊद ने इन डिग्रियों को मुंब्रा के नशेमन कॉलोनी स्थित बी/४०३ शमीम मंजिल निवासी डॉ. मो. फरहान शेख तथा भिवंडी के सुभाष नगर रोड, गणेश सोसायटी स्थित १०२ त्रिवेणी संगम निवासी डॉक्टर अब्दुल रहमान खान से बहुत कम पैसे देकर खरीदी थी। फर्जी डिग्री बेचने तथा रखने के आरोप में पुलिस ने उक्त दोनों डॉक्टरों को भी गिरफ्तार कर लिया है और जानने का प्रयास किया जा रहा है कि उक्त दिनों डॉक्टरों ने और कितने लोगों को फर्जी डिग्रियां बेची हैं। फिलहाल पुलिस इस समय फर्जी डॉक्टरों के विरुद्ध अभियान तेज कर दिया है।