" /> प्याज निर्यात पर रोक आंदोलन पर किसान!, प्रतिबंध हटाने को लेकर उठने लगी आवाज

प्याज निर्यात पर रोक आंदोलन पर किसान!, प्रतिबंध हटाने को लेकर उठने लगी आवाज

केंद्र सरकार द्वारा प्याज निर्यात पर रोक लगाए जाने के बाद केंद्र से लेकर राज्य तक में हंगामा मच गया है। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्याज निर्यात पर लगे प्रतिबंध को तत्काल उठाने की मांग राज्य के अन्न व नागरी आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने की है। प्याज निर्यात पर से प्रतिबंध उठाने के संबंध में भुजबल ने राकांपा अध्यक्ष शरद पवार से भी बात की। उधर किसानों ने इस मामले में आंदोलन शुरू कर दिया है।
बता दें कि प्याज निर्यात पर प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में प्याज उत्पादक किसानों ने नासिक में आंदोलन शुरू कर दिया है। वहीं प्याज निर्यात पर से प्रतिबंध हटाने को लेकर शरद पवार ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से कल मुलाकात की।
कांग्रेस ने कहा, रोक हटाओ!
लॉकडाउन के बुरे समय में किसानों ने बड़ी मुश्किल से प्याज की खेती शुरू की थी। उन्हें उम्मीद थी कि प्याज के बेहतर दाम मिलेंगे। किसानों को हाथ में चार पैसे मिलने की उम्मीद थी, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने अचानक निर्यात पर प्रतिबंध की घोषणा करके किसानों के साथ बड़ा अन्याय किया है। कांग्रेस, केंद्र सरकार के इस अन्यायपूर्ण पैâसले के खिलाफ आगामी बुधवार को राज्यव्यापी आंदोलन करेगी और निर्यात पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाने की मांग करेगी। ऐसी जानकारी महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तथा राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात ने दी। तीन महीने पहले ४ जून, २०२० को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने घोषणा की थी कि अतिआवश्यक वस्तुओं की सूची में से प्याज, आलू और दाल को हटा दिया गया है। यह कहकर उन्होंने स्वयं की खूब वाहवाही लूटी थी। तीन महीने के अंदर केंद्र ने अपना पैâसला क्यों पलट दिया? केंद्र अपने पैâसले को ठीक से लागू नहीं कर सकी, नरेंद्र मोदी सरकार की नीति को लकवा मार गया है। ऐसा थोरात ने कहा।

प्याज निर्यात पर अचानक प्रतिबंध देश की छवि को लगा बड़ा धक्का!- शरद पवार
केंद्र सरकार द्वारा प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए जाने से नाराज किसान संगठनों और प्याज उत्पादकों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। इस संबंध में राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कल केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। इस मुकालात में दोनों नेताओं के बीच प्याज के मुद्दे पर चर्चा हुई। इस मौके पर शरद पवार ने कहा कि निर्यात किए जाने वाले प्याज की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छी मांग है और हम लगातार प्याज का निर्यात कर रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार के इस तरह के अचानक पैâसले से अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्याज के विश्वसनीय निर्यातक देश के रूप में हिंदुस्थान की छवि को बड़ा धक्का लगा है।
राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने वाणिज्य मंत्री से कहा कि इस रोक से विश्व बाजार में हिंदुस्थान की साख गिरेगी। महाराष्ट्र जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में भारी बारिश के कारण आपूर्ति बाधित हुई है। इसके अलावा डेयरी क्षेत्र पर सीआईआई द्वारा आयोजित एक समारोह के दौरान शरद पवार ने कहा कि किसी कृषि उत्पाद के निर्यात पर प्रतिबंध उचित नहीं है। हिंदुस्थान ने अब वैश्विक बाजार में कृषि उत्पादों के एक प्रमुख निर्यातक के तौर पर अपने आपको स्थापित कर लिया है। उन्होंने कहा कि यदि हम निर्यात पर प्रतिबंध लगाते हैं तो इससे छवि प्रभावित होगी इसलिए हम प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध के खिलाफ हैं। देश का कृषि निर्यात वित्त वर्ष २०१२-१३ के दौरान बढ़कर २.३३ लाख करोड़ रुपए हो गया, जो इससे पिछले साल १.८६ लाख करोड़ रुपए था।