" /> कानपुर में बेखौफ अपराधी!, फिरौती के बाद भी लैब टेक्नीशियन की हत्या

कानपुर में बेखौफ अपराधी!, फिरौती के बाद भी लैब टेक्नीशियन की हत्या

यूपी के कानपुर जिले में बर्रा से अपहृत लैब टेक्नीशियन के अपहरण मामले में गुरुवार देर रात बुरी खबर आई। पुलिस के अनुसार अपहरणकर्ताओं ने युवक की हत्या कर दी है। हालांकि पुलिस अभी भी युवक की लाश की बरामदगी नहीं कर सकी है। पुलिस ने लैब टेक्नीशियन संजीत के दो दोस्तों के साथ ही ५ लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक उन्होंने बताया है कि उन्होंने संजीत को मारकर लाश पांडु नदी में फेंक दिया है। बदमाशों के बताने के आधार पर पुलिस नदी में शव को तलाश रही है। पुलिस उधर युवक की मौत की सूचना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
योगी सरकार ने कानपुर में लैब टेक्नीशियन संजीत यादव हत्याकांड में ११ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है। इसमें आईपीएस अपर्णा गुप्ता, डीएसपी मनोज कुमार गुप्ता, इंस्पेक्टर रणजीत राय, दो दारोगा राजेश और योगेंद्र प्रताप सिंह सहित छह सिपाही अवधेश, दिशु भारती, विनोद कुमार, सौरभ पांडे, मनीष और शिवप्रसाद को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया है।
बता दें बीते २२ जून को कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र में रहनेवाले लैब टेक्नीशियन संजीत यादव लापता हो गया था। वह लैब से घर आने के लिए शाम तकरीबन ७ बजे निकला था लेकिन घर नहीं पहुंचा, जिसके बाद परिजनों ने बर्रा थाने में २३ जून को गुमशुदगी दर्ज कराई लेकिन पुलिस ने इस मामले में कुछ खास फोकस नहीं किया। फिर २९ जून को फिरौती की कॉल आई और परिजनों से संजीत को छोड़ने के एवज में ३० लाख रुपए मांगे। फिरौती की कॉल आने के बाद परिजनों के होश उड़ गए।
पान की गुमटी से परिवार का गुजर-बसर करनेवाले संजीत के पिता चमनलाल ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने नंबर नोट करने के बाद उन्हें हिदायत दी कि जब भी अपहरणकर्ता का फोन आए तो वह लंबी बात करें लेकिन बर्रा थाना पुलिस और सर्विलांस सेल कॉल को ट्रेस कर अपहरणकर्ता की लोकेशन का पता नहीं लगा पाई। अपहरणकर्ता लगातार ३० लाख रुपए की फिरौती न देने पर युवक की हत्या करने की धमकी दे रहे थे।
फिर कानपुर के बर्रा थाने की पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में एक प्लान बनाया। उन्होंने संजीत के पिता से फिरौती की रकम जुटाने को कहा। पुलिस की कहानी थी कि वह जैसे ही बदमाश फिरौती की रकम लेने आएंगे पहले से ही सादे ड्रेस में जाल बिछाए पुलिस उन्हें पकड़ लेगी। संजीत के पिता चमनलाल ने अपना घर और बेटी की शादी के लिए बनवाए गए गहने बेचकर रकम की व्यवस्था की लेकिन बदमाश पुलिस से ज्यादा होशियार निकले। उन्होंने घंटों तक चमनलाल को इधर-उधर दौड़ाया उसके बाद एक ओवरब्रिज से पैसे से भरा थैला नीचे फेंकने को कहा। चमनलाल ने थैला नीचे फेंका तो बदमाश उसे लेकर चंपत हो गए और पुलिस खाक छानती रह गई, तब से पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे थे। बीते गुरुवार देर रात पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर संजीत के ४ दोस्तों को पकड़ा तो पूरा मामला सामने आ गया। क्राइम ब्रांच और सर्विलांस सेल की टीम ने संजीत के साथ अन्य पैथोलॉजी में काम कर चुके उसके कुछ पुराने परिचितों को पकड़ा है। इनके द्वारा कबूला गया है कि इन्होंने ही संजीत का अपहरण किया था। संजीत ने २६ जून को इनके चंगुल से भागने का प्रयास किया था, जिसके बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर पांडु नदी में शव को बहा दिया था।
पुलिस ने इनकी निशानदेही पर संजीत की बाइक भी तात्या टोपे नगर तिराहे के पास से झाड़ियों से बरामद कर लिया है। पुलिस ने वो घर भी ढूंढ निकाला है, जहां संजीत को बंधक बनाकर रखा गया था और उसकी हत्या की गई थी। बदमाशों ने वो मकान १५,००० रुपए प्रतिमाह किराए पर लिया था। संजीत यादव के शव को ढूंढने के लिए गोताखोरों की टीम पांडु नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है, फिलहाल अभी तक संजीत का शव बरामद नहीं किया जा सका है।

सपा ने संजीत के परिजनों को दी ५ लाख रुपए की मदद
लखनऊ। सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम कानपुर स्थित पीड़ित संजीत यादव के घर पहुंचे और ५ लाख रुपए का चेक दिया। गौरतलब है कि ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार के लिए सरकार से ५० लाख रुपए की मदद मांगते हुए स्वयं ५ लाख रुपए की मदद की घोषणा की थी, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पीड़ित के घर पहुंचे थे।