" /> पंछियों को दाना-पानी देते हैं प्रकाश मोरयानी! मोरयानी को देख चहचहाने लगते हैं पंछी

पंछियों को दाना-पानी देते हैं प्रकाश मोरयानी! मोरयानी को देख चहचहाने लगते हैं पंछी

एक समय था जब उल्हासनगर जो लोग लोकल से चलते थे, वे स्कायवॉक, रेलवे उड़ानपुल से खाड़ी में मछलियों के साथ-साथ अन्य पंछियों को सेब-बूंदी खाने के लिए दिया करते थे। कोरोना के चलते लगी लगाम के कारण मूक जानवरों के अलावा पंछियों की भी हालत खराब हो गई है। एक पंछी मित्र को पुलिस ने पास दिया है। निर्भीक होकर पंछी जब दाना-पानी को देखते हैं तो चहचहाने लगते हैं।
उल्हासनगर के पंछी मित्र अमन टॉकीज के मालिक प्रकाश मोरयानी करीब २० साल से हर रोज शाम के समय अपनी कार से  महरलगाव के समीप स्थित सीमा रिसोर्ट जाया रहते थे, जहां वे बूंदी-सेब, बिस्किट आदि खाद्य सामग्री जानवरों-पंछियों को खिलाते थे, जब से कोरोना के चलते देशभर में लॉक डाउन की घोषणा हुई है तब से मोरयानी वहां नहीं जा पा रहे थे। २२ मार्च के दिन देशभर में जनता कर्फ्यू  के बाद कर्फ्यू लगा है। बीच में पंछी मित्र मोरयानी सीमा रिसोर्ट में जानवरों तथा पक्षियों को दाना-पानी देने गए थे तो वापसी के वक्त साधना होटल के पास बनाई गई पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। बिना वजह घंटों बैठाकर रखा, जिससे परेशान मोरयानी ने वहां जाना बंद कर दिया। मोरयानी के न पहुंचने के कारण पंछी बेहाल हो गए। आखिरकार समाजसेविका हिराली फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती सरिता खानचंदानी को पंछियों की व्यथा की जानकारी मिली। सरिता के प्रयास से प्रकाश मोरयानी को पुलिस का पास दिलाया गया, उसके बाद पिछले 15 दिनों से लगातार हर रोज पहले की तरह सैकड़ों पंछियों को दाना-पानी देने के लिए प्रकाश मोरयानी सीमा रिसोर्ट जाते हैं। फिर से प्रकाश को देख पंछी चहचहाने लगे हैं। प्रकाश के चलते सैकड़ो पंछियों के प्राण बच सके।