" /> हमारी लड़ाई किसी के विरोध में नहीं, इसलिए सरकार से नहीं कोरोना से लड़ो!…. व्यापारियों-व्यावसायियों के मुद्दों पर गंभीरता से होगा विचार…. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का आश्वासन

हमारी लड़ाई किसी के विरोध में नहीं, इसलिए सरकार से नहीं कोरोना से लड़ो!…. व्यापारियों-व्यावसायियों के मुद्दों पर गंभीरता से होगा विचार…. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का आश्वासन

कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए लॉकडाउन या कड़े प्रतिबंध के कदम उठाए गए हैं। वह किसी के विरोध में नहीं है। इस लड़ाई में व्यापारियों का सहयोग भी चाहिए। ऐसे में रास्ते पर उतरने की भाषा नहीं करें, यह लड़ाई सरकार से नहीं बल्कि कोरोना संक्रमण से है। यह समझने का प्रयास करें। व्यापारी-व्यावसायियों का कोई नुकसान न हो सरकार की ऐसी भावना है। व्यापारियों ने कोरोना नियमों का कड़ाई से पालन किया तो उनकी मांगों और सुझावों को गंभीरता से लेकर विचार कर हल निकाला जाएगा। यह आश्वासन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि किसी के बहकावे में न आएं, दुकानों को बंद करने के पीछे मात्र भीड़ कम करना ही उद्देश्य है, उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की है कि कर्मचारियों और मजदूरों को अपने परिवार का सदस्य समझें। उधर व्यापारियों ने भी सरकार को सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
राज्य के विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी और प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री ठाकरे ने वीडियो कॉन्प्रâेंसिंग के जरिए संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट को मात देने के लिए न डगमगाते हुए सभी लोग एकजुट होकर प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार की परिस्थिति बेहद विचित्र है। कोरोना का संकट बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह लहर बहुत बड़ी है। किसी की भी रोजी-रोटी पर रोक लगाने अथवा लॉकडाउन लगाने की इच्छा नहीं थी। इससे पहले सभी जनता को सावधान किया जा रहा था। फरवरी-मार्च महीने में कोरोना मरीजों की संख्या घटी थी लेकिन अब मरीजों की संख्या बड़ी तेजी से बढ़ रही है। पिछले वर्ष मार्च महीने में बेड की संख्या सात से आठ हजार थी। यह संख्या अब पौने चार लाख तक बढ़ाई गई है। जंबो कोविड सेंटर्स की स्थापना की गई, किसी भी राज्य में न हो, उतनी सुविधा निर्माण की गई। लेकिन ये सुविधाएं भी कम पड़ जाएंगी, ऐसी स्थिति निर्माण होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकाकरण शुरू है और टीकाकरण की गति बड़े पैमाने पर बढ़ाई गई है। २५ वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को टीका देने की मांग केंद्र से की गई, लेकिन उसे अस्वीकार कर दिया गया। हमारी मांग पर अब ४५ वर्ष से ऊपर के लोगों को टीके दिए जा रहे हैं लेकिन वैक्सीन खत्म होने लगी है। नई लहर में अब युवा वर्ग भी बड़े पैमाने पर संक्रमित होने लगा है क्योंकि वह रोजगार और काम के लिए घर से बाहर रहते हैं। कोरोना वायरस के लक्षण न पाए जानेवाले मरीजों की संख्या ७० प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है, इससे कइयों के बाधित होने की संभावना है।