" /> फोड़ो नहीं खाओ… बाजार में आयी पटाखा चॉकलेट

फोड़ो नहीं खाओ… बाजार में आयी पटाखा चॉकलेट

कोरोना काल के मद्देनजर पटाखा फोड़ने या जलाने पर प्रतिबंध है। इससे वायु तथा ध्वनि प्रदूषण में वृद्धि होती है। बच्चे पटाखा फोड़ने की जिद न करें, पटाखा के रूप में उन्हें स्वादिष्ट चॉकलेट मिले, इसके लिए बाजार में पटाखा चॉकलेट की बिक्री हो रही है।ताकि बच्चे पटाखा फोड़े नही खाएं।बाजार में बिक रही पटाखा चॉकलेट इन दिनों बच्चों से लेकर हर वर्ग के लोग को खूब पसंद आ रही है।लोग आने शुभचिंतकों को देने के लिए जमकर इन्हें खरीद रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि ठाणे मनपा द्वारा किए गए उपाय योजनाओं के चलते कोरोना पर बहुत हद तक काबू पा लिया गया है। प्रदूषण की वजह से कोरोना का संक्रमण न बढ़े, लोग सुरक्षित रहें, इसके मद्देनजर इस वर्ष सादगी के साथ सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दीपावली मनाने की अपील मनपा प्रशासन द्वारा की गयी है। उत्साहपूर्वक दीपावली मनाने के लिए लोग पटाखा फोड़ते हैं। इस वर्ष मनपा ने पर्यावरण पूरक दीपावली मनाने की अपील नागरिकों से की है। पटाखा बेचने पर नहीं, उसे फोड़ने पर प्रतिबंध है यह मनपा प्रशासन का कहना है। कोरोना का संक्रमण व प्रदूषण रोकने के मकसद से यह कदम उठाया गया है। दीपावली के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग खुद के लिए तथा अपनो को उपहार देने के लिए मिठाइयां, पटाखे सहित अन्य सामान खरीदते हैं। बाजार में तरह-तरह की मिठाइयां तथा चॉकलेट बिक रहे हैं। बच्चों को ध्यान में रखते हुए पटाखों के आकार-प्रकार के चॉकलेट बनाये गए हैं। बड़े पैमाने पर इसकी मांग हो रही है। गिफ्ट देने के लिए लोग इसे बड़ी संख्या में खरीद रहे हैं। १५० रुपये के बॉक्स में डार्क एवं मिल्क चॉकलेट, २५० रुपये के बॉक्स में ड्रायप्रâूट्स, डार्क, मिल्क चॉकलेट तथा ३५० रुपये के बॉक्स में ड्रायप्रâूट्स, डार्क एवं मिल्क चॉकलेट सहित कैंडिल चॉकलेट तथा हैप्पी दीपावली लिखा चॉकलेट बेचा जा रहा है। बच्चों को ध्यान में रखते हुए सुतली बम, रॉकेट, चकरी, फुलझड़ी जैसे पटाखों को चॉकलेट के रूप में मिठाई के पर्याय के रूप में इसका निर्माण किया गया है। ग्राहक इसे खूब पसंद कर रहे हैं और कार्यालयों की तरफ से ऑर्डर आ रहे हैं, यह जानकारी तन्वी पांगारे ने दी है।