मुंबईकरों का संकल्प महायुति! आज थम जाएगा पहले चरण का प्रचार

लोकसभा चुनावों की तपिश उफान पर पहुंच रही है। पहले चरण में आगामी ११ अप्रैल को महाराष्ट्र की ७ सीटों पर मतदान होने जा रहा है। इन सीटों पर आज शाम चुनाव प्रचार थम जाएगा और परसों सुबह पोलिंग बूथ पर वोट देने के लिए वोटरों की कतारें लगनी शुरू हो जाएंगी। पहले चरण में गडचिरौली-चंद्रपुर, वर्धा, रामटेक, नागपुर, भंडारा, यवतमाल-वाशिम का समावेश है। हालांकि पहले चरण में मुंबई का समावेश नहीं है मगर इससे मुंबईकरों के जोश में कोई कमी नहीं आई है। कल भाजपा ने अपना संकल्प पत्र जाहिर किया है। उसमें कई तरह के आकर्षक वादे किए गए हैं। इसके पहले कांग्रेस अपना घोषणा पत्र जाहिर कर चुकी है। जहां तक मुंबईकरों का सवाल है तो उनका संकल्प तो एक ही नजर आ रहा है और वह है महायुति!
मुंबईकरों का कहना है कि देश में इस समय नरेंद्र मोदी से अच्छा पीएम कोई दूसरा हो ही नहीं सकता। पीएम का काम है देश को मजबूत करना और पीएम ने जिस तरह से आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाया और पाकिस्तान को उसके घर में घुस कर मारा, उससे देशवासियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और मजबूत हुआ है। वरना तो पहले मुंबई पर हुए सबसे बड़े आतंकी हमले के बाद भी यूपीए सरकार चुप बैठी रही थी। मुंबई में आगामी २९ अप्रैल को मतदान होना है। सभी सीटों पर ऊपर से कड़ा मुकाबला नजर आ रहा है मगर अगर जमीनी हकीकत की बात करें तो महायुति के प्रति लोगों का झुकाव ज्यादा है।
महायुति जिंदाबाद…मुंबईकरों का मूड
लोकसभा चुनाव का प्रचार तूफान गति पकड़ चुका है। सभी नेता जनता के बीच अपनी बात रखकर वोट मांग रहे हैं। परसों पहले चरण में राज्य की ७ सीटों पर मतदान होना है। मुंबई में हालांकि चौथे चरण में मतदान होना है और अभी उसमें २० दिनों की देरी है पर मुंबईकर चुनावी जोश में आ चुके हैं। इन मुंबईकरों को देखें तो अधिकांश का एक ही मूड है…महायुति जिंदाबाद!
दवा कंपनी में काम करनेवाले और दहिसर निवासी सचिन सिंह का कहना है कि भाजपा के चुनावी ‘संकल्प पत्र’ में उन सभी मांगों को समाहित किया गया है जो शिवसेना ने गठबंधन से पहले भाजपा से किया था, जिसमें राम मंदिर, किसानों की समस्या आदि का उल्लेख है। यूं कहें तो यह महायुति का ही ‘संकल्प पत्र’ है। विकास रूपी इस संकल्प पत्र को पूरा करने के लिए इस बार महायुति को विजयी बनाने का संकल्प हमने किया है। चार्टर्ड एकाउंटेड की छात्रा और ताड़देव निवासी आरती वाघेला ने कहा कि कल घोषित हुए संकल्प पत्र में बुनियादी ढांचों के विकास के साथ-साथ शिक्षा पर भी जोर दिया गया है, जिसमें माध्यमिक स्कूलों को ऑपरेशन डिजिटल बोर्ड के तहत लाने, विधि और इंजीनियरिंग संस्थानों में सीटों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया है। कांग्रेस के घोषणापत्र ‘हम निभाएंगे’ से बेहतर भाजपा का संकल्प पत्र है। इस संकल्प पत्र में आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब भी दिया गया है। देश से आतंकवाद को खत्म करने की दिशा में हमने महायुति को जिताने का संकल्प लिया है। होलसेल मोबाइल फोन व्यापारी असलम मलकानी का कहना है कि नोटबंदी और जीएसटी से भले ही व्यापारियों की कमर टूट गई है लेकिन एक हद तक कालाबाजारी रुकी है। कांग्रेस ने हमेशा मुसलमानों का इस्तेमाल किया है। शिवसेना-भाजपा महायुति ने हमेशा मुसलमानों का साथ दिया है इसलिए इस बार भी महायुति के उम्मीदवारों को जिताने का मन मुसलमानों ने बनाया है। सोना व्यापारी मनीष जैन का लगभग यही कहना है। मनीष का मानना है कि भाजपा का संकल्प पत्र सभी क्षेत्रों, समुदायों के लोगों से बात कर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि आज देश की सुरक्षा सर्वप्रथम है। महायुति की सरकार इस मुद्दे पर खरी उतरी है। उनके संकल्प पत्र में भी सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। आज दुनिया में देश का गौरव आसमान छू रहा है। संकल्प पत्र में सुशासन से लेकर देशवासियों की सुरक्षा पर जोर दिया गया है इसलिए इस चुनाव में भी महायुति ही बहुमत से आए, यही हम मुंबईकरों ने संकल्प किया है।