" /> रोगियों की सेवा पर ध्यान केंद्रित करो! -मुख्यमंत्री का निर्देश

रोगियों की सेवा पर ध्यान केंद्रित करो! -मुख्यमंत्री का निर्देश

कोरोना रोगियों के उपचार के लिए मुंबई के निजी अस्पतालों के ८० प्रतिशत बेड्स सरकार द्वारा अपने अधीन ले लिए गए हैं। कई जगहों पर क्षेत्रीय अस्पताल बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन सभी सुविधाओं के साथ रोगियों की सेवा पर अधिक ध्यान केंद्रित करो। इसके साथ ही एंबुलेंस सेवा को नियंत्रित करो, ऐसा निर्देश मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल दिया। मुंबई महानगरपालिका और साथ ही निजी अस्पतालों के कामकाज की देखरेख के लिए नियुक्त आईएएस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्प्रâेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने उक्त बातें कहीं।

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के प्रकोप के शुरुआती दिनों में मुंबई में बेड्स की उपलब्धता के बारे में शिकायतें थीं, लेकिन अब उनकी संख्या में भारी कमी आई है। सरकार ने निजी अस्पतालों में ८० प्रतिशत बेड्स अपने अधीन ले लिए हैं। इसके अलावा, कुछ अधिकारियों को मनपा अस्पतालों की जिम्मेदारी दी गई है। इन अस्पतालों में रोगियों के साथ समन्वय स्थापित करना है।

रोगियों को बेड्स मिलने सहित अन्य सभी प्रकार का समन्वय बनाने का उत्तरदायित्व दिया गया हैं। मनपा ने मुंबई के ३५ बड़े अस्पतालों में ८० प्रतिशत बेड पर कब्जा कर लिया और उन्हें आम जनता के लिए उपलब्ध कराकर दिया। देश में खुले मैदान में अस्पताल बनाने का काम महाराष्ट्र के नाम दर्ज हुआ है। वह भी सभी सुविधाओं से युक्त अस्पतालों का निर्माण किया गया है। कोरोना रोगियों के उपचार के लिए सभी जीवनावश्यक दवाओं का भंडार मनपा के पास उपलब्ध है। नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि जिन निजी अस्पतालों में ८० प्रतिशत बेड लिए गए हैं, वर्तमान में वहां कितने मरीजों का इलाज चल रहा है और कितने बेड खाली हैं? इसकी सूची प्रतिदिन गेट पर लगानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एंबुलेंस चालकों को भी इस बात का मार्गदर्शन करना चाहिए कि किन अस्पतालों ने बेड उपलब्ध हैं और किसमें नहीं हैं। इससे रोगियों को सही जानकारी उपलब्ध होगी क्योंकि बड़ी संख्या में एंबुलेंस सेवा कार्यरत है। रोगियों को एंबुलेंस के माध्यम से सही सेवा मिल सकती है, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा। मुंबई में जो छोटे निजी अस्पताल हैं, वहां
नॉन कोविड रोगियों को सेवा मिले, इसके लिए अब प्रयत्न किया जाना चाहिए। कोरोना के विरुद्ध लड़ाई अब अंतिम चरण में है। यह समझकर जीतने के लिए कदम उठाएंगे तो मुंबई कोरोना मुक्त होगी। इस बात का ध्यान रखो, ऐसा आह्वान मुख्यमंत्री ने किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव संजय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार अजोय मेहता, महापालिका आयुक्त आई.एस. चहल, मुंबई महापालिका के लिए विशेष नियुक्त प्रधान सचिव मनिषा म्हैसकर, राज्य टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. शशांक जोशी आदि बैठक में मौजूद थे।