" /> राम मंदिर तोड़कर फिर बनाना चाहता है मस्जिद, सनकी साजिद की धमकी

राम मंदिर तोड़कर फिर बनाना चाहता है मस्जिद, सनकी साजिद की धमकी

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन का अध्यक्ष है मौलाना

जहां पूरा हिंदू और मुस्लिम समाज राम मंदिर के निर्माण को लेकर खुश है और उन्होंने कोर्ट के पैâसले को स्वीकार किया है, वहीं कोई साजिद और कोई ओवैसी टाइप अभी भी राजनीति करने और मुसलमानों को भड़काने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी कड़ी में एक सनकी मौलाना साजिद रशीदी ने धमकी दी है।

भूमिपूजन के एक दिन बाद ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष साजिद रशीदी ने ये धमकी दी है। साजिद का कहना है कि राम मंदिर को तोड़कर वहां मस्जिद बनाई जाएगी। उसने यह भी कहा है कि विवादित स्थल पर कभी मंदिर नहीं था। वहां बाबरी मस्जिद थी और मस्जिद ही रहेगी। एक न्यूज एजेंसी ने कल साजिद का यह बयान जारी किया। इसके बाद ट्विटर पर मौलाना की लोगों ने जमकर खबर ली।
साजिद ने कहा, ‘इस्लाम कहता है कि मस्जिद हमेशा मस्जिद ही रहेगी। कुछ और निर्माण करने के लिए मस्जिद को तोड़ा नहीं जा सकता।’ उसने कहा, ‘हमारा मानना है कि बाबरी मस्जिद वहां थी और वह हमेशा मस्जिद के रूप में वहां रहेगी। मंदिर को गिराकर वहां मस्जिद नहीं बनाई गई थी लेकिन अब ऐसा हो सकता है। मंदिर गिराकर वहां फिर से मस्जिद बनाई जाएगी।’

इतना ही नहीं, साजिद रशीदी ने आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लिया। उसने कहा कि प्रधानमंत्री ने राम मंदिर के भूमि पूजन में जाकर संविधान का उल्लघंन किया है। उसके इस बयान को लेकर नया विवाद हो गया है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि साजिद रशीदी मौलाना नहीं है, वह एक ट्रैवल एजेंट है।

मगर न्यूज एजेंसी ने ट्विटर पर जिस मौलाना की तस्वीर के साथ उसका बयान जारी किया है, वह ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन का अध्यक्ष साजिद रशीदी ही है। गौरतलब है कि भूमिपूजन के एक दिन पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी इसी तरह का भड़काऊ बयान जारी किया था। बोर्ड ने कहा था कि ‘बाबरी मस्जिद कल भी थी, आज भी है और कल भी रहेगी।’ मस्जिद में मूर्तियां रख देने से या फिर पूजा-पाठ शुरू कर देने या एक लंबे अर्से तक नमाज पर प्रतिबंध लगा देने से मस्जिद की हैसियत खत्म नहीं हो जाती। हमारा हमेशा यह मानना रहा है कि बाबरी मस्जिद किसी भी मंदिर या किसी हिंदू इबादतगाह को तोड़कर नहीं बनाई गई। हालात चाहे जितने खराब हों, हमें हौसला नहीं हारना चाहिए। बोर्ड की तरफ से भी मंदिर गिराकर मस्जिद बनाने की चेतावनी दी गई थी।