" /> गैलेक्सी अस्पताल पर गाज!, कोरोना मरीजों से मनमाना बिल वसूलने का मामला

गैलेक्सी अस्पताल पर गाज!, कोरोना मरीजों से मनमाना बिल वसूलने का मामला

मीरा-भाइंदर मनपा सीमांतर्गत कोरोना पीड़ितों के उपचार के लिए ८० प्रतिशत बेड आरक्षित न रखने व मरीजों के परिजनों से उपचार के नाम पर मनमाना बिल वसूलने के आरोप में मीरारोड पूर्व के गैलेक्सी अस्पताल का डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल (डीसीएच) मान्यता सोमवार को रद्द कर दी गई। गौरतलब है कि निजी अस्पतालों द्वारा कोरोना मरीजों से मनमाना बिल वसूले जाने पर अंकुश नहीं लगाया गया तो शिवसेना तीव्र आंदोलन करेगी, ऐसी चेतावनी भी हाल ही में शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने मनपा को दी थी।
राज्य सरकार द्वारा कोविड-१९ के मरीजों के लिए निजी अस्पतालों में ८० प्रतिशत बेड आरक्षित रखने और उनसे उपचार के दर से सबंधित एक दिशा निर्देश जारी किया गया था। लेकिन सरकार के इस निर्देश का पालन निजी अस्पतालों द्वारा नहीं किए जाने और कोरोना पीड़ित मरीजों से मनमाना बिल वसूले जाने की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही थी।
इस संदर्भ में मनपा प्रशासन ने नोटिस जारी कर राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों का पालन न करने के मामले में निजी अस्पतालों से खुलासा मांगा था। इस विषय में गैलेक्सी अस्पताल ने अपना कोई खुलासा नहीं दिया। साथ ही लेखापरीक्षण (ऑडिट) के बाद अस्पताल द्वारा उपचार के नाम पर वसूल की गई अधिक राशि को मरीजों को वापस दिए जाने का भी कोई सबूत अस्पताल ने मनपा प्रशासन को नहीं दिया। अस्पताल के इस रवैये को गंभीरता से लेते हुए मनपा आयुक्त डॉ. विजय राठौड़ ने इस अस्पताल के डीसीएच की मान्यता को रद्द कर दिया।

देर से ही मनपा ने ज्यादा बिल वसूलनेवाले अस्पतालों पर कार्रवाई की शुरुआत तो की। लेकिन इस मामले में सर्वाधिक शिकायतें पैâमिली केयर और वॉकहार्ट अस्पताल के बारे में आ रही थीं। राजनीतिक वरदहस्त को दरकिनार कर इन अस्पतालों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
-प्रताप सरनाईक (शिवसेना विधायक)

राज्य सरकार द्वारा कोरोना पीड़ितों के इलाज हेतु जो दर निर्धारित की गई है। उस दर से जितनी ज्यादा रकम अस्पताल ने मरीजों से लिया है, उतनी ही रकम दंडस्वरूप निजी अस्पतालों से वसूल की जाएगी।
-डॉ. विजय राठौड़ (एमबीएमसी आयुक्त)