" /> राष्ट्रपति से गुहार लगाएंगे गहलोत!, विधानसभा सत्र बुलाने पर अड़े सीएम

राष्ट्रपति से गुहार लगाएंगे गहलोत!, विधानसभा सत्र बुलाने पर अड़े सीएम

कांग्रेस राजस्थान की लड़ाई जयपुर से दिल्ली ले जाने की तैयारी में है। शुक्रवार को राजभवन में गहलोत गुट के विधायकों के धरना देने के बावजूद अगर लगता है कि उनकी मांग की अनदेखी हो रही है तो फिर कांग्रेस दिल्ली का रुख करेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनका खेमा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के समक्ष गुहार लगाएगा। इसके साथ ही गहलोत गुट के विधायकों की सड़क पर भी उतरने की प्लानिंग है।
बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट से निराशा हाथ लगने के बाद गहलोत गुट के विधायक राजभवन पहुंचे हैं। सीएम अशोक गहलोत और उनके खेमे की मांग है कि राज्यपाल विधानसभा का सत्र बुलाएं। राज्यपाल कलराज मिश्रा ने राजभवन पहुंचे गहलोत गुट के विधायकों से मुलाकात भी की।
कलराज मिश्रा ने कहा कि आपकी मांग हमने सुन ली है। पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। संवैधानिक संस्थाओं का टकराव नहीं होना चाहिए। कलराज मिश्रा ने कहा कि विचार-विमर्श के लिए वक्त चाहिए। इससे पहले राजभवन परिसर में कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की। कांग्रेस विधायकों ने अशोक गहलोत के समर्थन में नारे लगाए, वहीं गहलोत सरकार का कहना है कि वैâबिनेट ने प्रस्ताव पास कर दिया है तो राज्यपाल को विधानसभा का सत्र बुलाना ही होगा। केंद्र सरकार लोकतंत्र का गला घोंटना चाहती है। कांग्रेस नेताओं की ओर से कहा गया है कि कोई भी विधायक कोरोना पॉजिटिव नहीं है। इससे पहले राज्यसभा चुनाव में कोविड पॉजिटिव विधायकों ने वोट दिया था।
इस पूरे मामले पर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि हमने राज्यपाल को चिट्ठी लिखी है कि वो तुरंत विधानसभा सत्र बुलाएं, जिसमें कोरोना संकट, लॉकडाउन पर चर्चा हो सके। राज्यपाल की ओर से अभी तक जवाब नहीं आया है। हमने रात को चिट्ठी लिखी थी। हमारा मानना है कि ऊपर से दबाव होने के कारण वो विधानसभा सत्र बुलाने का निर्देश नहीं दे रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि भाजपा गुंडागर्दी कर रही है। क्या राज्‍यपाल अनुच्छेद १७४ के तहत विधानसभा सत्र बुलाने से इंकार कर सकते हैं? जब कांग्रेस सरकार विधानसभा सत्र बुलाना चाहती है तो भाजपा भाग क्यों रही है? कब तक जनमत का चीरहरण करेंगे?

राज्यपाल ने कोरोना का दिया हवाला
जयपुर। राजस्थान में राजनीतिक खींचतान के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार दोपहर को राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात करके विधानसभा सत्र बुलाने का आग्रह किया। वहीं सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्यपाल ने कोरोना का हवाला देते हुए विधानसभा सत्र बुलाने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा है कि मामला अभी सुप्रीमकोर्ट में चल रहा है। उन्होंने गहलोत से कहा कि वे उनके प्रपोज़ल को वेरिफाई कर रहे हैं।

जनता राजभवन घेरेगी तो हमारी जिम्मेदारी नहीं -गहलोत
जयपुर। गहलोत ने कहा कि मैं महामहिम राज्यपाल से सामूहिक आग्रह करूंगा कि आप किसी दबाव में नहीं आएं, आपका संवैधानिक पद है, शपथ ली हुई है। अंतरात्मा के आधार पर, शपथ की जो भावना है उसके आधार पर पैâसला करें। वरना हो सकता है, पूरे प्रदेश की जनता अगर राजभवन को घेरने के लिए आ गई तो हमारी जिम्मेदारी नहीं होगी।

हाईकोर्ट से पायलट गुट को राहत
जयपुर। राजस्थान के बर्खास्त उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सहित कांग्रेस के १९ बागी विधायकों की रिट याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने विधानसभा स्पीकर के नोटिस पर स्टे लगा दिया है। इसका मतलब है कि अगले आदेश तक पायलट गुट की सदस्यता को कोई खतरा नहीं है। इसके अलावा इसके अलावा राजस्थान कोर्ट ने सचिन पायलट, बागी विधायकों की ओर से अयोग्यता के मुद्दे पर दायर याचिका में भारत सरकार को पक्षकार बनाए जाने की मांग भी स्वीकार कर ली है। प्रâीडम ऑफ स्पीच को आधार बनाते हुए सचिन पायलट की ओर से दायर याचिका को कोर्ट ने सही माना है। सचिन पायलट और उनके गुट के विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए राजस्थान विधानसभा स्पीकर की ओर से १४ जुलाई को जारी नोटिस को चुनौती दी गई थी। इस मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान स्पीकर की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य के हाईकोर्ट के आदेश देने पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था लेकिन उसने कहा कि यह व्यवस्था विधानसभा अध्यक्ष द्वारा शीर्ष अदालत में दायर याचिका पर आनेवाले निणर्‍य के दायरे में आएगी।