" /> हमें भी दो सुरक्षा!, ‘एमपी-यूपी’ के पीड़ित परिवार केंद्र से मांगेंगे ‘वाई प्लस’ सिक्योरिटी

हमें भी दो सुरक्षा!, ‘एमपी-यूपी’ के पीड़ित परिवार केंद्र से मांगेंगे ‘वाई प्लस’ सिक्योरिटी

जब भाजपा नेता ने सेना के जवान को गोली मारी थी
भाजपा को सेना की बड़ी चिंता है। दो साल पहले मध्य प्रदेश के एक भाजपा नेता ने एक ऐसी हरकत कर दी थी कि आपको यकीन नहीं होगा। मुरैना में भाजपा नेता नगरपालिका के उपाध्याक्ष अम्बाहू नीतू तोमर ने सेना के जवान अंशू तोमर को मिढेला गांव में गोली मार दी थी। अंशू तोमर का एक दोस्त उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद था और उसी ने भाजपा नेता पर गोली मारने का आरोप लगाया था।

देश में केंद्र सरकार द्वारा फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत को दिए ‘वाई प्लस’ सिक्योरिटी का मुद्दा अब गर्माता जा रहा है। एमपी में पिछले डेढ़ दशक के भाजपा शासन में आम आदमी पर काफी अत्याचार हुए हैं और कई लोगों की मौतें भी हुई हैं। यूपी में भी तीन साल के भाजपा शासन का रिकॉर्ड अच्छा नहीं है। ऐसे में अब इन प्रदेशों में भी पीड़ित परिवारों की ओर से केंद्र सरकार से ‘वाई प्लस’ सिक्योरिटी मांगे जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
बता दें कि हाल ही में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा है कि कंगना के पिता ने हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से कहा था कि उनकी बेटी को प्रताड़ित किया जा रहा है और उन्हें सुरक्षा दी जाए। तब उन्होंने इस मामले से केंद्र को अवगत कराया, जिसके बाद उन्हें सुरक्षा प्रदान की गई। मंत्री के इस बयान के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि ऐसे मामलों में केंद्र सरकार कितने लोगों को ‘वाई प्लस’ सिक्योरिटी देती है?

फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत को केंद्र सरकार द्वारा ‘वाई प्लस’ सिक्योरिटी मुहैया कराए जाने का मामला गर्माता जा रहा है। देश में लाखों महिलाओं पर अत्याचार हाते हैं और काफी गंभीर किस्म के अपराध होते हैं, पर कभी भी केंद्र सरकार ने इतनी तत्परता नहीं दिखाई है। मगर अभिनेत्री के मामले में केंद्र ने बड़ी जल्दी एक्शन लिया है। ऐसे में यह सवाल भी उठने लगा है कि इसके पीछे क्या कारण है? केंद्र सरकार इसके पीछे अपना कौन सा एजेंडा चला रही है? केंद्र द्वारा प्रदत ‘वाई प्लस’ सिक्योरिटी में सीआरपीएफ के ११ पुलिकर्मी व २ कमांडो शामिल होते हैं। अब न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि यूपी में जारी ‘योगीराज’ में भी रोजाना हो रहे भयावह अपराध की घटनाओं के बाद वहां ये ‘वाई प्लस सिक्योरिटी’ का मामला उठने लगा है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के जारी आंकड़ों के अनुसार यूपी में रोजाना १० से ज्यादा मर्डर होते हैं। हालत यह है कि गोली की बजाय अब वहां लोग पीट-पीट और कूचकर मारे जाने लगे हैं। हाल ही में ऐसी घटनाओं की बाढ़ सी आ गई है। पूर्वी यूपी से लेकर पश्चिमी यूपी तक देखें तो रेप व मर्डर ये दोनों ही अपराध अपने शिखर पर हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या केंद्र सरकार के लिए आम आदमी की सुरक्षा कोई मायने नहीं रखती?
उत्तर प्रदेश हो या मध्य प्रदेश, चूंकि वहां भाजपा का शासन है इसलिए केंद्र सरकार को लगता है कि वहां राम राज्य है और सब अमन-चैन से रह रहे हैं। मध्य प्रदेश में भाजपा के डेढ़ दशक के राज में काफी हत्याएं हुई हैं। इसकी पोल कमलनाथ सरकार के पर्यावरण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने खोली थी। २१ जनवरी २०१९ को उन्होंने मप्र में लगातार हो रही हत्या की वारदातों पर देवास में कहा था कि भाजपा १५ साल सत्ता में रही। भाजपा ने ही गुंडे-बदमाश और डवैâत पैदा किए हैं। ये ही लोग हत्या कर रहे हैं। अपने ऐब छिपाने के लिए भाजपा नौटंकी कर रही ताकि उन पर कोई अंगुली न उठाए। वैâलाश विजयवर्गीय और उनके बेटे की मारपीट के किस्से तो प्रदेश में कोई भी बता सकता है। उनकी करतूतों के टीवी पर लाइव फुटेज चल चुके हैं। खुद सीएम शिवराज पर अपने सुरक्षा कर्मी को पीटने का आरोप लगा था। भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार पर भी टोल कर्मचारी को पीटने का आरोप है। कहने का अर्थ है कि सरकार और उसके नेता सब दबंगई में शामिल हैं। आपको याद होगा मध्य प्रदेश का व्यापम घोटाला। यह घोटाला काफी बड़ा था और इसके तार भाजपा सरकार के कई बड़े नेताओं तक पहुंचे थे। पर कुछ नहीं हुआ और एक के बाद एक इस घोटाले को उजागर करनेवाले और मामले से जुड़े कई गवाहों की दुर्घटनाओं में मौत हो गई। मांगे जाने के बाद उन्हें और उनके परिवारों को कोई सुरक्षा नहीं दी गई। मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार द्वारा किसानों पर बरसाई गोलियां कोई भूला नहीं है। २०१७ में मंदसौर में भाजपा सरकार के पुलिस की गोली ने ११ किसानों को मार डाला था। उस कांड के बाद कितने किसान व उनके परिवारों को सुरक्षा दी गई? दरअसल, सवाल सिर्फ इतना ही है कि भाजपा दूसरी जगह तो शोर मचाती है पर उसे अपने किए पाप नहीं दिखते।

बाकी पीड़ितों को भीr दो ‘वाई प्लस’ सिक्योरिटी
अभिनेत्री कंगना को ‘वाई प्लस’ सिक्योरिटी दिए जाने के संबंध में विश्व हिंदू सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवींद्र के द्विवेदी का कहना है कि उत्तर प्रदेश हो या मध्य प्रदेश, वहां आए दिन महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। ऐसे में उनके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है? उनकी केंद्र सरकार से मांग है कि प्रदेश में पीड़ित महिलाओं को भीr ‘वाई प्लस’ सिक्योरिटी प्रदान की जाए।