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जान बचाने में उपयोगी साबित हो रही है रेलवे की पार्सल स्पेशल

15,500 मेडिकल पैकेज का किया परिवहन

देशव्यापी लॉक डाउन के बावजूद पश्चिम रेलवे की पार्सल विशेष ट्रेनों ने देश के विभिन्न हिस्सों में सभी प्रकार की आवश्यक सामग्री का परिवहन जारी रखा है, जिनमें विशेष रूप से वर्तमान परिदृश्य के मद्देनजर एक प्रमुख आवश्यकता के रूप में दवाओं और चिकित्सा सामान को समुचित वरीयता दी जा रही है। कोविड-19 के कारण घोषित लॉक डाउन अवधि के दौरान पश्चिम रेलवे न केवल अपनी विभिन्न पार्सल विशेष ट्रेनों के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में दूध और अन्य आवश्यक उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि इसने अन्य आवश्यक वस्तुओं के परिवहन की जिम्मेदारी भी ली है, जिनमें देश भर में छोटे पार्सल आकार में दवाइयां, मेडिकल सामान, चिकित्सा उपकरण आदि भेजे जा रहे हैं, क्योंकि पश्चिम रेलवे पूरी तरह से अपने ग्राहकों की जरूरतों के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है। पश्चिम रेलवे ने पार्सल ट्रेन चलकर अब तक 15,500 मेडिकल पैकेज देश के विभिन्न हिस्सों में भेजे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि रेलवे की पार्सल ट्रेन कोरोना महामारी के बीच भी लोगों की जान बचाने के लिए उपयोगी साबित हो रही है।

बता दें कि 23 मार्च से 17 अप्रैल, 2020 तक लगभग 6000 पैकेज दवाओं की आपूर्ति सौ टन से अधिक वजन की हुई है। यह उल्लेखनीय है कि न केवल दवाइयां, बल्कि मेडिकल सामान जैसे मास्क, सैनिटाइटर, सर्जिकल सामान, पीपीई आदि जो वर्तमान समय की आवश्यकता है, उसको परिवहन में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। लगभग 215 टन वजन वाले इस तरह के 9,500 से अधिक पैकेजों की आपूर्ति की गई है, जिन्हें मिलाकर लॉक डाउन की अवधि के दौरान पश्चिम रेलवे पर अब तक लगभग 15,500 मेडिकल पैकेजों का परिवहन सुनिश्चित किया जा चुका है। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविंद्र भाकर के अनुसार पश्चिम रेलवे द्वारा अपनी पार्सल विशेष ट्रेनों के ज़रिए दवाओं और चिकित्सा की आपूर्ति गुजरात और महाराष्ट्र से राजस्थान और उत्तरी भारत, साथ ही उत्तर पूर्व के लिए की गई है। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल, 2020 तक पश्चिम रेलवे पर लगभग 1.1 लाख मास्क और लगभग 8000 लीटर सैनिटाइज़र लॉकडाउन की अवधि के दौरान विभिन्न डिवीजनों और कार्यशालाओं में बनाए गए हैं।