" /> केंद्र कितना भी करे परेशान… पांच साल तक चलेगी सरकार!

केंद्र कितना भी करे परेशान… पांच साल तक चलेगी सरकार!

♦ शरद पवार ने किया एलान
♦ सीबीआई, ईडी, एनसीबी समेत केंद्रीय एजेंसियों का हो रहा है दुरुपयोग

केंद्र सरकार, सत्ता का दुरुपयोग केवल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ कर रही है, ऐसा नहीं है बल्कि अन्य दलों को भी इसका झटका लगा है। केंद्र की सत्ताधारी भाजपा सरकार लगातार दो वर्ष से महाराष्ट्र की महाविकास आघाड़ी सरकार को गिराने का प्रयास कर रही है इसलिए वरिष्ठ नेताओं के करीबी लोगों को टारगेट किया जा रहा है। केंद्र सरकार कितना भी परेशान कर ले, परंतु महाविकास आघाड़ी की सरकार पांच साल तक चलेगी। कल मुंबई में आयोजित पत्रकार परिषद में ऐसा एलान करते हुए राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने स्पष्ट किया कि सत्ता का दुरुपयोग कभी नहीं करना, यह संस्कार हमें यशवंतराव चव्हाण से मिला है। शरद पवार ने आगे कहा कि जलियांवाला बाग शब्द का उपयोग मैंने दिल्ली में लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर किया था। इसके बाद दो-तीन भाजपा मंत्रियों का मुझे फोन आया। यह शब्द अच्छा उपयोग नहीं किया। उसके बाद मेहमान घर पर आ गए यानी आयकर विभाग का छापा पड़ गया। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और एनसीबी समेत केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।

केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि केंद्र सरकार सत्ता का इस्तेमाल सिर्फ राष्ट्रवादी के विरोध में नहीं, बल्कि महाविकास आघाड़ी दल में शामिल तीनों दलों के खिलाफ कर रही है। तीनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के नजदीकी लोगों को अपना टारगेट बनाकर सोची-समझी साजिश के तहत कार्रवाई कर रही है। कुल मिलाकर, पिछले दो वर्षों से राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार को अस्थिर करने का प्रयत्न है। राज्य की सरकार पर सीधे हमला करने की बजाए केंद्र की सरकार महाराष्ट्र के शासन में बैठे हुए लोगों के नजदीकी लोगों पर कार्रवाई कर डरा रही है।
पवार ने पत्रकारों को बताया कि अशोक चव्हाण, अजीत पवार, सुभाष देसाई, नवाब मलिक आदि नेताओं पर सीधे हमला करने की बजाय उनके सहयोगी एवं रिश्तेदारों पर कार्रवाई की जा रही है। अजीत पवार के बयान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में शरद पवार ने कहा कि अजीत पवार का भाषण मैंने पढ़ा, उसमें उन्होंने कहा है कि वह अतिथियों के जाने के बाद ही बोलेंगे, लेकिन ये अतिथि एक-दो दिन में जाने की बजाय सप्ताह भर तक यहीं रुके हैं। पवार ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ये अतिथि एक-एक सप्ताह तक रहनेवाले हैं, जब तक इन्हें वहां से आदेश नहीं आएगा तब तक घर नहीं छोड़ेंगे।
पवार ने कहा कि जहां इन लोगों ने डेरा जमाया है। वहां तीनों बच्चियां अलग-अलग प्रोफेशन में हैं। उनमें से एक के पास भी कारखाना नहीं है। ठीक है, उन्हें जांच करनी थी तो एक से दो दिन में कर लें लेकिन सप्ताह भर तक घर नहीं छोड़ना गलत है। इन अधिकारियों से एक जांच के दौरान बच्चों ने कहा कि आपके घर पर लोग आपका इंतजार कर रहे होंगे, तो अधिकारियों ने कहा कि हमें निर्देश है कि जब तक न बोला जाए तब तक घर न छोड़ें। हमारे लिए ५ से ६ दिन एक घर में जाकर जांच करना कोई अलग बात नहीं।
जयंत पाटील के बेटे को आइफिल टॉवर पर लड़की ने किया प्रपोज
पत्रकार परिषद की शुरुआत में ही पवार ने राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य सरकार के मंत्री जयंत पाटील के बेटे के सगाई की खुशखबरी सुनाई और कहा कि इनके बेटे को लड़की ने पेरिस के आइफिल टॉवर पर जाकर प्रपोज किया है। इसमें दोनों की अनुमति थी। अब हम सिर्फ इस्लामपुर तक ही सीमित नहीं हैं, अब हम पेरिस भी जाते हैं। यह स्थान इंटरनेशनल हो गया है। लेकिन ये दोनों, लड़का व लड़की डोमेस्टिक हैं। स्थानीय हैं इसलिए इनकी शादी यहीं के रीति-रिवाज से होगी।
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार से जुड़ी कंपनियों पर आयकर विभाग के छापों का जिक्र करते हुए पवार ने कहा कि उक्त एजेंसी के अधिकारी बुधवार को छठे दिन छापे की कार्रवाई कर रहे हैं, जो बहुत असामान्य है। ईडी, सीबीआई और एनसीबी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। पवार ने आगे कहा कि मुंबई पुलिस के नारकोटिक्स विभाग ने एनसीबी से बेहतर काम किया है। महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना और कांग्रेस के साथ शामिल राकांपा ने पहले कहा था कि वो अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हुए केंद्रीय एजेंसियों के हमलों का पूरी ताकत से सामना करेगी। प्रदेश के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख भी केंद्रीय एजेंसियों की जांच का सामना कर रहे हैं। कल उनके घर पर पांचवीं बार छापा पड़ा। मुझे आश्चर्य है कि उनके घर पांच बार जाने पर भी उन्हें कुछ नहीं मिला। पांच बार एक ही घर में जाना यह कितना उचित है? इस पर विचार करने का समय आ गया है। इस पर जनमत कराने की जरूरत है, ऐसी अपेक्षा शरद पवार ने व्यक्त की।

सत्ता खोने का दर्द कितना गहरा यह नजर आ रहा! 
‘अभी भी मुख्यमंत्री हूं, ऐसा महसूस हो रहा’ फडणवीस के इस बयान की राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने जमकर खबर ली। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष सत्ता में रहने का स्मरण रखना कभी भी अच्छा नहीं होता। दर्द कितना गहरा है, इससे साफ जाहिर होता है। ऐसी खिंचाई करते हुए शरद पवार ने फडणवीस को नसीहत दी कि सत्ता आती-जाती है, इस पर ज्यादा विचार नहीं करना चाहिए।
लखीमपुर खीरी और मावल की तुलना गलत
पवार ने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों के साथ हुई बर्बरता की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी और मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। साथ ही गृह विभाग के राज्यमंत्री भी इस घटना पर अपनी जिम्मेदारी को टाल नहीं सकते हैं। अगर वे ऐसा करते हैं तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। लखीमपुर के संदर्भ में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने मावल की घटना का जिक्र किया है लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि मावल में क्या हुआ है? मावल में किसान की मृत्यु के लिए नेता जिम्मेदार नहीं है। जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार दूसरा कारण सामने आया है।

कौन किसकी जेब में पुड़िया छोड़ेगा
और आपको गिरफ्तार कर लिया जाएगा!
केंद्र सरकार द्वारा ईडी, एनसीबी, आईटी जैसी एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने कल जमकर हमला बोला। एनसीबी के अधिकारियों की मीडिया प्लानिंग अच्छी है, यह पता नहीं था। निरंतर कुछ न कुछ पुड़िया छोड़कर राजनीति की जाए और किसी को बदनाम किया जाए। लोग कहते हैं कि दूर रहो इनसे… कोई व्यक्ति आपकी जेब में पुड़ी डाल देगा और आपको गिरफ्तार कर लेगा… इस स्तर पर केंद्र सरकार की ये एजेंसियां पहुंच गई हैं। इन शब्दों में शरद पवार ने एनसीबी सहित सभी केंद्रीय एजेंसियों पर निशाना साधा।
यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में शरद पवार ने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय जांच एजेंसियों के माध्यम से सत्ता का राजनीतिक दुरुपयोग कर रही है। शरद पवार ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार कुछ संस्थानों के दुरुपयोग के लिए कदम उठा रही है। इसमें सीबीआई, आयकर विभाग, ईडी, एनसीबी हैं। इन सभी एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल किए जाने की तस्वीर दिखाई दे रही है।
पार्टियों को बदनाम करने पर ध्यान
शरद पवार ने कहा कि नवाब मलिक ने एक व्यक्ति के बारे में भूमिका पेश की। मैंने इस बारे में थोड़ी जानकारी ली। समीर वानखेड़े पहले वायुसेना के आबकारी विभाग में थे। वहां के भी कुछ किस्से सुनने को मिले हैं। लेकिन मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा क्योंकि मुझे इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं है। लेकिन इस मामले में दो एजेंसियां ​​हैं। एक मुंबई पुलिस और दूसरी एनसीबी। पिछले कुछ वर्षों में केंद्रीय एजेंसी ने कितनी रिकवरी की उसका प्रमाण बेहद कम है। कहीं पुड़ी, कहीं कुछ, तो कहीं कुछ ग्राम आदि। दूसरी ओर मुंबई पुलिस द्वारा की गई बरामदगी केंद्रीय एजेंसियों की तुलना में काफी अधिक है। इससे पता चल रहा है कि राज्य की एजेंसी ईमानदारी से काम करती है।

भाजपा नेताओं ने ठेका कब लिया?
इसमें कुछ लोग पकड़े गए हैं। कोई भी अपराध होता है, तब पुलिस अथवा केंदीय एजेंसियां पंचनामा करती हैं। पंचों के सामने लिखा-पढ़ी की जाती है। पंचों की जवाबदारी का ठेका भाजपा नेताओं ने कब लिया? ऐसा जोरदार सवाल पवार ने किया।
ऐसा कभी हुआ नहीं था
महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त ने कई आरोप लगाए थे। इस आरोप से बने माहौल के कारण अनिल देशमुख को इस्तीफा देना पड़ा। लेकिन जिन्होंने आरोप लगाया था, वे अब कहां हैं? इसका पता चलेगा, ऐसा नहीं दिख रहा है। एक जिम्मेदार अधिकारी, एक जिम्मेदार मंत्री पर बेबुनियाद आरोप लगाता है, ऐसा दृश्य कभी देखने को नहीं मिला था। अनिल देशमुख को सत्ता से हटाने की भूमिका अपनाई गई। दूसरी तरफ जिन्होंने आरोप लगाए थे, वे अब गायब हो गए। यह फर्क है, ऐसा शरद पवार ने कहा।