" /> दही-हंडी नहीं फोड़ेंगे करेंगे महारक्तदान!

दही-हंडी नहीं फोड़ेंगे करेंगे महारक्तदान!

कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुंबई व आसपास के जिलों सहित महाराष्ट्रभर में बड़े हर्षोल्लास के साथ हर साल दही-हंडी उत्सव मनाया जाता है। इस बार वैश्विक महामारी कोरोना ने पूरे देश में तांडव मचा रखा है। ऐसे में परंपरागत रूप से इस उत्सव को मनाना गोविंदा पथकों के लिए खतरा बन सकता है। इसी को ध्यान में रख कर दही-हंडी समन्वय समिति ने इस बार उत्सव नहीं मनाने का पैâसला लिया है। दही-हंडी फोड़ने की जगह `महारक्तदान’ शिविर आयोजित करने का महासंकल्प लिया है। इसके लिए गोविंदा पथकों को मनपा जगह उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिख कर समिति ने ऐसी विनती की है।
बता दें कि १२ अगस्त को दही-हंडी उत्सव मनाया जाएगा। समिति के कार्याध्यक्ष अरुण भालचंद्र पाटील का कहना है कि दही-हंडी उत्सव में गोविंदा पथक एक के ऊपर एक थर लगाते हैं। दर्शक भी बड़ी संख्या में जमा होते हैं। कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए यह गोविंदा पथकों तथा आम दर्शकों की सेहत के लिए इस वर्ष दही-हंडी का आयोजन ठीक नहीं है। समिति के अध्यक्ष बाला पडेलकर ने कहा कि कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या और उनके इलाज के लिए अस्पतालों में खून की जरूरत बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रख कर मुंबई सहित महाराष्ट्र भर के गोविंदा मंडलों को पत्र लिख कर दही-हंडी मनाने के बदले `महारक्तदान’ शिविर आयोजित करने का आग्रह पत्र भेज कर किया गया है। `महारक्तदान’ शिविर महाराष्ट्र राज्य रक्त संक्रमण परिषद के अधिकारियों के मार्गदर्शन में आयोजित किए जाने की जानकारी दी। सचिव सुरेंद्र पंचाल का कहना है कि दही-हंडी उत्सव को भव्य तरीके से मनानेवाले राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को गोविंदा पथक मंडलों द्वारा आयोजित किए जाने वाले `महारक्तदान’ शिविर में शामिल होने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए। `महारक्तदान’ शिविर के लिए मनपा अपने स्कूलों में जगह उपलब्ध कराए इस आशय का पत्र भी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को समिति ने लिखा है।