" /> व्यापारियों को राहत देने के लिए जीएसटी कानून में होगा संशोधन

व्यापारियों को राहत देने के लिए जीएसटी कानून में होगा संशोधन

मंत्रिमंडल की बैठक हुआ निर्णय
कोरोना के संकट के कारण लॉक डाउन को झेल रहे व्यापारियों के कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इस संकट से व्यापारियों को राहत देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने वस्तु व सेवा कर कानून (जीएसटी) के प्रावधानों में संशोधन करने का फैसला किया है। इस आशय के प्रस्ताव को कल राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई।
राज्य सरकार ने फैसला किया है कि कारोबारियों को राहत देने के लिए जीएसटी अधिनियम में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। लॉक डाउन के कारण व्यापारियों और कर प्रशासन के लिए जीएसटी अधिनियम के कुछ प्रावधानों को निर्धारित समय के भीतर पूरा करना मुश्किल हो गया है। राज्यपाल के अनुमोदन से इस संबंध में एक अध्यादेश जारी किया जाएगा। जीएसटी कानून में नए में धारा 168 ए को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इससे युद्ध, महामारी, बाढ़, सूखा, आग, तूफान, भूकंप जैसे किसी भी आपदा के समय में सरकार विभिन्न करों और अन्य सेवाओं के भुगतान के लिए समय सीमा बढ़ा सकती है। इसके अलावा महाराष्ट्र सहकारिता संस्था अधिनियम के विभिन्न वर्गों में संशोधन करने का भी निर्णय लिया गया है। कोरोना संकट के कारण सहकारी संसंथाओं के वार्षिक सर्वसाधारण सभा समय पर नहीं हो सकती है। सदस्य चुनाव में अपने मताधिकार से भी वंचित रह सकते हैं। कोरोना के कारण 18 मार्च 2020 से सहकारी संस्थाओं के चुनाव तीन महीने के लिए स्थगित किए गए हैं, जिन संस्थाओं का पांच साल का कार्यकाल पूरा हो गया है, प्रावधानों के अनुसार उसके सदस्यों को पद रिक्त करना होगा और प्रशासक की नियुक्ति करनी होगी। चुनाव आगे बढ़ाना, ऑडिट, प्रशासक की नियुक्ति, ऑडिट की तारीख आगे बढ़ाने की छूट देनी होगी लेकिन इसका अधिकार सरकार को नहीं है। इसलिए संबंधित अधिनियम के प्रावधानों में बदलाव करना जरूरी है।