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अगस्त में शुरू हो सकते हैं जीम, गार्डन, स्विमिंग पूल

मुंबई में सबसे अधिक हो रही कोरोना जांच और कड़ी उपाय योजना के कारण अब कोरोना नियंत्रण में आ रहा है। इसे देखते हुए ‘मिशन बिगन अगेन’ के तहत अनलॉक-३ अंतर्गत मुंबई में जीम, गार्डन और स्विमिंग पूल शुरू करने के लिए मनपा तैयार है। इसके लिए अब केवल राज्य सरकार के निर्णय का इंतजार है। मनपा आयुक्त की मानें तो आगामी १-२ दिन में इस आशय का निर्देश आ सकता है। हालांकि जीम, गार्डन, स्विमिंग पूल शुरू किए जाएंगे लेकिन उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग आदि नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
बता दें कि मार्च से शुरू लॉकडाउन को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निर्देश पर धीरे-धीरे शिथिल किया जा रहा है। मिशन बिगेन अगेन के तहत कोरोना नियंत्रित क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से व्यवसाय शुरू करने की अनुमति दी जा रही है। इसके तहत मुंबई में दुकान, मार्केट, सलून, जॉगिंग आदि को नियमों के दायरे में शुरू करने की अनुमति अब तक दी गई है लेकिन जीम, गार्डन, स्विमिंग पूल अब तक बंद ही हैं। इसे भी अनलॉक-३ के तहत शुरू करने के लिए मनपा पूरी तरह से तैयार है, सिर्फ राज्य सरकार से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। मुंबई में कोरोना मरीजों की वृद्धि औसतन १ प्रतिशत से नीचे आ गई है। इसके अलावा डबलिंग रेट भी ७० दिन और मरीजों का रिकवरी दर ७६ प्रतिशत हो गई है। इस तरह मुंबई की स्थिति नियंत्रण में आने पर जीम, गार्डन, स्विमिंग पूल शुरू किया जा सकता है, ऐसी जानकारी मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने दी है।
… तब तक रेलवे नहीं होगी शुरू
मुंबई में कोरोना भले ही नियंत्रण में आया हो लेकिन मनपा के बाहरी इलाकों में कोरोना अभी तक नियंत्रण में नहीं आया है। ऐसी स्थिति में अगर लोकल ट्रेन शुरू हुई तो महानगर क्षेत्रों के लाखों लोगों के मुंबई में आने से स्थिति बिगड़ सकती है इसलिए मुंबई से बाहर के क्षेत्रों में जब तक कोरोना पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ जाता, तब तक रेलवे शुरू नहीं की जा सकती।
तीन हजार मौंतें मनपा क्षेत्र के बाहर की
मुंबई मनपा क्षेत्र से बाहर नालासोपारा, वसई, भिवंडी, उल्हासनगर ऐसे विभिन्न भागों के छोटे क्लिनिक, नर्सिंग होम, अस्पतालों के अति गंभीर मरीज मुंबई लाए जाते हैं। इन मरीजों की मौत होने पर उनका पंजीयन मुंबई में ही किया जाता है। २८ जुलाई तक मुंबई में हुई ६,१८४ मौतों में से ३ हजार मौत मुंबई से बाहर के लोगों की हुई हैं। मनपा क्षेत्र से बाहर रहनेवाले, जिनकी मौत मुंबई में हुई हो, उनके पार्थिव शरीर का मुंबई में ही अंतिम संस्कार किया जाता है। इसी तरह पुणे, नासिक, ऐसी जगहों से आए हुए मरीजों की मौत होने पर उनका पंजीयन भी मुंबई में होता है। इसीलिए मुंबई में मृतकों की संख्या ज्यादा नजर आती है, ऐसा मनपा आयुक्त चहल ने स्पष्ट किया है।