" /> खतरे में आबरू!, पाकिस्तान में फिर हिंदू लड़की का अपहरण

खतरे में आबरू!, पाकिस्तान में फिर हिंदू लड़की का अपहरण

पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आनेवाला। उसकी नापाक हरकतें जारी हैं। पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों की आबरू खतरे में है। पूरी दुनिया इस समय कोरोना से जंग लड़ रही है पर वहां के कट्टरपंथी, हिंदू लड़कियों का अपहरण, धर्म परिवर्तन और निकाह के अपने एजेंडे से जरा भी पीछे नहीं हटे हैं। पाकिस्तान में एक बार फिर एक हिंदू लड़की के अपहरण किए जाने की खबर आई है। लड़की की उम्र सिर्फ १२ साल है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान में रहनेवाले हिंदू, सिख और ईसाई अल्पसंख्यकों पर धार्मिक अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। धर्म परिवर्तन के लिए बदनाम सिंध प्रांत के मीरपुर खास से एक नाबालिग हिंदू लड़की मोमल भील का धार्मिक अतिवादियों ने अपहरण कर लिया है। बताया जा रहा है कि इस लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह करवाने की तैयारी की जा रही है।
वायस ऑफ पाकिस्तान मॉइनरिटी के अनुसार १२ साल की मोमल भील का कट्टर इस्लामी अतिवादियों ने घर से अपहरण कर लिया। परिवार वालों ने जब पुलिस को सूचना दी तो उन्होंने भी कुछ नहीं किया। थक हारकर परिवार अब भगवान भरोसे है क्योंकि इन अतिवादियों के आगे अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय कुछ नहीं कर सकता। अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के लिए बदनाम सिंध में यह पहली घटना नहीं है। जून के अंतिम हफ्ते में आई रिपोर्ट के अनुसार सिंध प्रांत में बड़े स्तर पर हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराकर उन्हें मुस्लिम बनाए जाने का मामला सामने आया था। सिंध के बादिन में १०२ हिंदुओं को जबरन इस्लाम कबूल कराया गया। मीडिया रिपोटर््स के अनुसार इन लोगों में बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल थे।
मानवाधिकार संस्था मूवमेंट फॉर सॉलिडैरिटी एंड पीस के अनुसार पाकिस्तान में हर साल १,००० से ज्यादा ईसाई और हिंदू महिलाओं या लड़कियों का अपहरण किया जाता है, जिसके बाद उनका धर्म परिवर्तन करवा कर इस्लामिक रीति रिवाज से निकाह करवा दिया जाता है। पीड़ितों में ज्यादातर की उम्र १२ साल से २५ साल के बीच में होती है। मानवाधिकार संस्था ने यह भी कहा कि आंकड़े इससे ज्यादा भी हो सकते हैं क्योंकि ज्यादातर मामलों को पुलिस दर्ज नहीं करती है। अगवा होने वाली लड़कियों में से अधिकतर गरीब तबके से जुड़ी होती हैं।