" /> हांगकांग से बढ़ रहा है हिंदुस्थान में आयात, हिंदुस्थान में बैन लगने के बाद चीन की दोहरी साजिश

हांगकांग से बढ़ रहा है हिंदुस्थान में आयात, हिंदुस्थान में बैन लगने के बाद चीन की दोहरी साजिश

हांगकांग से भारत में हो रहे आयात में अप्रत्याशित बढ़त हिंदुस्थान के लिए गंभीर चिंता का विषय हो गया है। भारतीय बाजार में चीनी सामान की बढ़त को बनाए रखने के लिए चीन का एक सामरिक प्रयास इस रूप में सामने आ रहा है। भारत में हांगकांग से माल आयात पर करीबी जांच करने की जरूरत है। जिन देशों को ट्रांसशिपमेंट हब बनाकर चीन अपना सामान भारत भेज सकता है और किन देशों के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते, संधियां और व्यापार से संबंधित अन्य समझौते को भी नए सिरे से देखा जाना चाहिए। यदि उनमें कोई छिद्र है तो उनको तुरंत बंद करना चाहिए। इस बीच कैट ने केंद्र सरकार द्वारा मापनेवाले टेप के जो चीन से अन्य देशों के मार्फत बहुतायत में आ रहे हैं पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने की कवायद शुरू करने के लिए इस कदम की सराहना की है।

चीन के साथ अपने व्यापार के अंतर को कम करने में भारत सफल हुआ है लेकिन पिछले तीन वर्षों में हांगकांग के साथ व्यापारिक संबंध में व्यापार संतुलन अधिशेष से घाटे में बदल गया है। पिछले वित्त वर्ष में हांगकांग से भारत का आयात १७ बिलियन डॉलर था, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार उपकरण और कंप्यूटर हार्डवेयर कुल मिलाकर लगभग ८ बिलियन डॉलर था, जबकि २०१७-१८ में यह १०.६७ बिलियन डॉलर था। हांगकांग के साथ तेजी से बढ़ते आयात से इस संभावना को बल मिलता है कि चीन अपने निर्यात मार्गों को बदलने की तैयारी में है, जबकि भारत चीन पर अपनी आयात निर्भरता को कम करना चाहता है।

हांगकांग से आयात के आंकड़ों का एक करीबी विश्लेषण स्पष्ट रूप से बताता है कि जिन सभी प्रमुख वस्तुओं में चीन से आयात में गिरावट आई है, लगभग उन्हीं सब वस्तुओं में हांगकांग के साथ हुए व्यापार में वृद्धि आई है। ये वस्तुएं मुख्य रूप से विद्युत मशीनरी और उपकरण, फल, खनिज और लोहा और अन्य सामान हैं। ऐसा लगता है कि चीन से भारत को कम निर्यात और इसी अवधि के दौरान हांगकांग से भारत में व्यापार वृद्धि चीन का एक सोचा-समझा षड्यंत्र है। इस विश्लेषण में यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि विद्युत उत्पाद, परमाणु रिएक्टर, खनिज र्इंधन, लोहा और स्टील जैसे अन्य उत्पाद मुख्य रूप से चीन में उत्पादित होते हैं, हांगकांग में नहीं। इसलिए ऐसा लगता है कि भारत में प्रवेश करनेवाली वस्तुओं का आयात मार्ग बदल रहा है, जिस पर ध्यान देने की तत्काल जरूरत है। चीन की इस साजिश को रोकने के लिए हांगकांग से आयात होनेवाली वस्तुओं पर पैनी निगाह रखते हुए जरूरत पड़ने पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी को लगाए जाने की आवश्यकता है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए हांगकांग और अन्य दक्षिण एशियाई देशों से होनेवाले आयात पर नजर रख तात्कालिक उपाय करते हुए चीन के मंसूबों को ध्वस्त किया जाना जरूरी है।