बदहाल अस्पताल : प्रति एक लाख लोगों पर सिर्फ १०१ बेड

राज्य के सभी सरकारी, स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं और निजी अस्पतालों में २०१७ में एक लाख लोगों के पीछे केवल १०१ बेड उपलब्ध हैं। यह खुलासा महाराष्ट्र के २०१८-१९ की सर्वेक्षण रिपोर्ट में हुआ है। इससे यह स्पष्ट  हो गया है कि स्वास्थ्य सेवा पर सरकार को विशेष ध्यान देना होगा।
वर्ष १९७१ में राज्य में २९९ अस्पताल, १,३७२ दवाखाने, ३८८ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एक प्राथमिक स्वास्थ्य दल, ७२ क्षयरोग अस्पताल उपलब्ध थे। इन सभी अस्पतालों में ४३,८२३ बेड उपलब्ध थे। जनसंख्या की तुलना में उस समय प्रत्येक एक लाख लोगों के पीछे ८८ बेड उपलब्ध थे। वर्ष २०१४ में सुधार होकर प्रत्येक एक लाख के पीछे १०८ बेड उपलब्ध हुए थे। महाराष्ट्र आर्थिक सर्वे रिपोर्ट में २०१४ की तुलना में २०१७ में बेड की संख्या में कमी आई है। २०१४ में प्रति एक लाख पर १०८ बेड उपलब्ध थे, जो २०१७ में घटकर प्रति एक लाख पर १०१ हो गया।  राज्य में आबादी तो बढ़ गई, परंतु आबादी के हिसाब से अस्पतालों की बढ़ोत्तरी न होने के कारण बेड संख्या में कमी हुई है।