" /> बप्पा का कैसे करें शृंगार?, बारिश ने बढ़ाए फूलों के दाम

बप्पा का कैसे करें शृंगार?, बारिश ने बढ़ाए फूलों के दाम

वैश्विक महामारी कोरोना काल में मानसिक और आर्थिक संकट का मार आम आदमी पर पड़ा है। इसके बावजूद गणेशोत्सव को लेकर भक्तों में उत्साह बना हुआ है। भक्त अगर किसी चीज को लेकर मायूस हैं तो वह है बप्पा का शृंगार। हर वर्ष विभिन्न प्रकार के फूलों से सजावट और शृंगार करनेवाले भक्तों को उस वक्त पसीने छूट गए, जब वे फूल लेने बाजार पहुंचे। पिछले वर्ष की तुलना में करीब ३०० से ८०० गुना अधिक कीमत इस बार उन्हें फूलों के लिए चुकाना पड़ा। दादर फूल बाजार के व्यापारियों का कहना है कि बारिश की मार के कारण फूलों के दाम बढ़े हैं, वहीं इस बार सूरत से भी बड़ी संख्या में व्यापारी यहां फूल खरीदने पहुंचे थे।

बता दें कि आज गणेश चतुर्थी के दिन बप्पा भक्तों के घर विराजमान हुए हैं। पहले लोग उस स्थान की विभिन्न फूलों से सजावट करते थे, जहां बप्पा को विराजमान करना होता था। इस बार कई गुना ज्यादा दाम होने के कारण लोगों ने बहुत कम मात्रा में फूल खरीदा। दादर के होलसेल फूल विक्रेता आदित्य दुबे ने बताया कि पिछले वर्ष ७०-८० रुपए किलो बिकनेवाला गेंदा फूल इस वर्ष २०० रुपए किलो बिक रहा है। ८० रुपए किलो बिकनेवाला रजनीगंधा ४०० रुपए किलो बिका। इसी प्रकार १०० रुपए बंडल बिकनेवाला ऑर्वेâड कल ८०० रुपए बंडल बिका। एक बंडल में १० ऑर्वेâड के फूल होते हैं। २०० रुपए बंडल (२०) गुलाब के फूल बिके, जो पहले १२० रुपए में मिलते थे। १२० रुपए में मिलनेवाला कार्नेशन फूल २८० रुपए बंडल बिका। बप्पा को फूलों में सब से प्रिय गुड़हल के एक फूल की कीमत १० रुपए रही जबकि आम दिनों में यह महज ५० पैसे में मिलता है।

फूल व्यापारी आदित्य दुबे ने बताया कि गुजरात के सूरत शहर में बाढ़ आई है। इस वजह से वहां के फूल व्यापारी बड़ी संख्या में मुंबई खरीदारी करने पहुंचे हैं। उन्होनें यह भी कहा कि लगातार बारिश होने के कारण फूल भीगे हुए आ रहे हैं। गिला फूल जल्दी खराब होता है। उपरोक्त कारणों से ही इस वर्ष फूलों के दाम आसमान छू रहे हैं।