" /> सपनों ने चढ़े नए आयाम…. हंगरी रह गया हिंदुस्थान!

सपनों ने चढ़े नए आयाम…. हंगरी रह गया हिंदुस्थान!

ग्लोबल हंगर इंडेक्स में पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से भी बदतर हुए हालात

‘मोदी है तो मुमकिन है’ कहनेवाले भाजपाईयों को करारा तमाचा लगा है। यह तमाचा ‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स-२०२०’ की रिपोर्ट में भुखमरी को लेकर हिंदुस्थान की स्थिति का खुलासा होने के बाद लगा है। रिपोर्ट के अनुसार हमारे पड़ोसी देश नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश में भुखमरी यहां से कम है। बड़े-बड़े सपने दिखानेवाली केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में भुखमरी के मामले में हिंदुस्थान के हालात तीनों पड़ोसी देशों से भी बदतर हैं। रिपोर्ट पर भरोसा करें तो भुखमरी में हिंदुस्थान की हालत २०१५ से ही बदतर होती जा रही है। वर्ष २०१४ से ही भाजपा केंद्र में सत्तासीन है। वर्ष २०२० के ग्लोबल हंगर इंडेक्स में १०७ देशों में से हिंदुस्थान ९४वें स्थान पर हैं और गंभीर भूख की श्रेणी में है। जबकि पड़ोसी देश बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान गंभीर श्रेणी में है लेकिन इस साल के भूख सूचकांक में हिंदुस्थान से अधिक स्थान पर है। पड़ोसी देश के मुकाबले हिंदुस्थान की बदतर हालत को लेकर अब विरोधियों ने तंज कसना शुरू कर दिया है। वे कहते नजर आ रहे हैं कि सपनों ने चढ़े नए आयाम लेकिन हंगरी रह गया हिंदुस्थान।
ग्लोबल हंगर इंडेक्स २०२० में १०७ देशों में से ९४वें पायदान पर भारत है और ‘गंभीर’ भूख की श्रेणी में है। विशेषज्ञों ने निम्न रैंकिंग के लिए खराब कार्यान्वयन प्रक्रियाएं, प्रभावी निगरानी की कमी और बड़े राज्यों द्वारा कुपोषण और खराब प्रदर्शन से निपटने के लिए मौन दृष्टिकोण को दोषी करार दिया है।
पिछले साल ११७ देशों में भारत की रैंक १०२ थी। पड़ोसी बांग्लादेश, म्यांमार और पाकिस्तान भी ‘गंभीर’ श्रेणी में हैं, लेकिन इस साल के भूख सूचकांक में हिंदुस्थान से अधिक स्थान पर हैं। जबकि बांग्लादेश ७५वें, म्यांमार और पाकिस्तान ७८वें और ८८वें स्थान पर हैं। रिपोर्ट में दिखाया गया है कि नेपाल ७३वें और श्रीलंका ६४वें स्थान पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदुस्थान की १४ फीसदी आबादी कुपोषित है। यह भी दिखाया गया है कि देश के पांच से कम उम्र के बच्चों के बीच ३७.४ प्रतिशत की स्टंटिंग दर और १७.३ प्रतिशत की वेस्टिंग रेट दर्ज की है। पांच साल तक के बच्चों में मृत्यु दर ३.७ प्रतिशत थी।
लगातार गिर रही है रैंकिंग
वर्ष २०१४ में हिंदुस्थान ५५वें स्थान पर था। वहीं हिंदुस्थान वर्ष २०१५ में ८०वें स्थान पर, वर्ष २०१६ में ९७वें स्थान पर, वर्ष २०१७ में १००वें स्थान पर और वर्ष २०१८ में १०३वें स्थान पर था।
भूख की स्थिति को बनाया आधार
ग्लोबल हंगर इंडेक्स ने भूख की स्थिति के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में भूख की स्थिति के आधार पर देशों को ० से १०० अंक दिए गए हैं। इस रिपोर्ट में ० अंक सबसे अच्छा और भूख की स्थिति नहीं होना है। रिपोर्ट में १० से कम अंक का मतलब है कि देश में भूख की बहुत कम समस्या है। इसी प्रकार से रिपोर्ट में २० से ३४.९ अंक का मतलब भूख का गंभीर संकट है। रिपोर्ट में ३५ से ४९.९ अंक का मतलब हालत बहुत ही चुनौतीपूर्ण है और ५० या इससे ज्यादा अंक का मतलब है कि देश में भूख की बहुत ही भयावह स्थिति है।