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‘मुझे मंजूर नहीं’!-अक्षय कुमार

रोहित शेट्टी के निर्देशन में बनी मल्टी स्टारर फिल्म `सूर्यवंशी’ सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। अक्षय कुमार और वैâटरीना वैâफ के साथ ही इस फिल्म में अजय देवगन, रणवीर सिंह, जैकी श्रॉफ, गुलशन ग्रोवर आदि कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। अपनी परफेक्ट प्लानिंग के चलते अक्षय कुमार अपनी फिल्मों की शूटिंग को हर दो महीने में पूरा कर आगे बढ़ रहे हैं। बॉलीवुड का यह व्यस्ततम सुपरस्टार इस समय दर्जनों फिल्में पूरी करने में व्यस्त है। पेश है, अक्षय कुमार से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

क्या आपको फिल्म `सूर्यवंशी’ के इस कदर सफल होने की उम्मीद थी?
रोहित शेट्टी ने `सूर्यवंशी’ को निर्देशित किया है और इस फिल्म को एक कम्प्लीट पैकेज की तरह उन्होंने पेश किया। महामारी के कारण घर बैठे परिवारों ने दिवाली के मौके पर रिलीज हुई इस फिल्म को सिनेमाघरों में जाकर देखना पसंद किया। फिल्म `सूर्यवंशी’ हर परिवार को पसंद आनेवाली एक मनोरंजक फिल्म है और इस तरह से आम पब्लिक में यह फिल्म लोकप्रिय होती गई। मुझे उम्मीद थी कि यह फिल्म दर्शकों को पसंद आएगी लेकिन यह फिल्म अब ३०० करोड़ क्लब तक पहुंचेगी, यह नहीं सोचा था। मैं अपने माई-बाप दर्शकों और मीडिया का शुक्रगुजार हूं। मेरी संतुष्टि सिर्फ यहीं नहीं रुकती। अभी मुझे बहुत आगे जाना है।

लॉकडाउन के दौरान फिल्म `बेल बॉटम’ को पूरा करना आपके लिए  कैसे संभव हो पाया?
फिल्म `बेल बॉटम’ की प्लानिंग का पूरा श्रेय फिल्म निर्माता वासु भगनानी को जाता है। इस मामले में उनकी जितनी भी तारीफ की जाए उतनी कम होगी। सभी कलाकार और टेक्निशियंस को स्कॉटलैंड ले जाना, उनके ठहरने की, शूटिंग की व्यवस्था, विदेश में शूटिंग करने के लिए जरूरी इजाजत सरकारी दफ्तरों से लेने सहित कई तरह के काम उन्होंने बेहद कुशलतापूर्वक संभाला। दुनिया अपने घरों में थी और मात्र दो महीनों में हमने फिल्म शुरू से आखिर तक पूरी कर ली। फिल्म ने ४० करोड़ से अधिक का मुनाफा कमाया। फिल्म पसंद की गई लेकिन लॉकडाउन नहीं होता तो फिल्म को जरूर और सफलता मिलती। मुझे रुकना मंजूर नहीं। विपरीत हालातों में काम करना मुझे जरूरी लगता है।

`सूर्यवंशी’ में आपके साथ कई नामी कलाकार भी हैं। फिल्म की सफलता का सबसे बड़ा श्रेय आप किसे देना चाहेंगे?
अजय, वैâटरीना, जैकी, रणवीर हम सभी साथी कलाकार हैं और हम कई फिल्मों का हिस्सा बने हैं। इन सभी का श्रेय है ही लेकिन मैं फिल्म की सफलता का सबसे बड़ा हिस्सा फिल्म के लेखकों को दूंगा। लेखक ही आज की तारीख में सबसे बड़े सितारे हैं। सिर्फ अपने चहेते स्टार को स्क्रीन पर देखने के लिए कोई दर्शक थिएटर नहीं आता। जब तक कहानी में नयापन न हो, किरदारों में दमखम न हो वो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपना प्रभाव छोड़ने में नाकामयाब रहती है। फिल्म को चलानेवाले सबसे बड़े स्टार्स लेखक ही होते हैं। लेखक ही कलाकारों को स्टार बनाते हैं। अपनी कलम से सलीम जावेद, सचिन भौमिक जैसे लेखकों ने कमाल किया था।

`सूर्यवंशी’ के निर्देशक रोहित शेट्टी से आपकी पुरानी मित्रता है। अपने काम में रोहित कितने अलग हैं?
रोहित कमर्शियल फिल्मों के बेताज बादशाह हैं और दर्शकों की नस रोहित को मिल गई है। आज अगर रोहित टॉप निर्देशकों में से एक बन गए हैं तो इसके पीछे रोहित की जबरदस्त मेहनत, लगन, सच्चाई, टैलेंट सब कुछ है। आज से बरसों पहले जब मैं निर्देशक कुकू कोहली को मिलने जाया करता था तो रोहित उनका सहायक था, क्लैप देना रोहित का काम था। इस बंदे को उस जमाने से निर्देशन देते समय कभी भी कुर्सी पर बैठे हुए मैंने आज तक नहीं देखा। अक्सर निर्देशक मॉनिटर में देखकर शॉट का निर्देशन देते हैं लेकिन रोहित पूरे १२ घंटे खड़े रहकर निर्देशन देते हैं। एक विनम्र इंसान मैंने रोहित में हमेशा देखा है। उसके गुण ही उसे आज सफलता की राह पर ले आए हैं, इसमें कोई दो राय नहीं।

क्या पत्नी ट्विंकल खन्ना कभी आपको खतरनाक स्टंट्स करने से नहीं रोकती?
मेरे परिवार में मेरी पत्नी सहित मां ने मुझे कई बार शुरू-शुरू में हिदायत दी कि मुझे रिस्की स्टंट्स से बचना चाहिए। लेकिन मैंने उनकी कोई बात नहीं मानी। अब तो रिस्क लेने की जीवन में आदत-सी पड़ गई है। मैं रिस्क लेने में हिचकिचाता नहीं हूं। मन अगर डर मुक्त हो तो कोई भी स्टंट करने में हर्ज नहीं।

ऐसा क्या है जिससे आपको बेहद खुशी मिलती है?
बॉक्स ऑफिस की सफलता मुझे अहम लगती है। मेरी फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर चलना मुझे नई ऊर्जा देता है। जब मेरे निर्माता मुझे अपनी फिल्म में रिपीट करना चाहते हैं तो यह मेरे लिए खुशी का सबब होता है। जब दर्शक मेरी फिल्म की तारीफ करते हैं। यह सब बातें मुझे बेहद खुशी देती हैं।

क्या आपको बॉक्स ऑफिस का प्रेशर आज भी परेशान करता है?
फिल्म दर फिल्म मेरी सक्सेस बढ़ती जाए, ऐसा मैं नहीं सोचता। मैं सोचता हूं कि मेरी फिल्म अगर बॉक्स ऑफिस पर असफल हो गई तो मेरे प्रोड्यूसर को कितना आर्थिक नुकसान होगा? मैं अपने निर्माताओं के लिए परेशान होता हूं।

क्या आप अपने निर्माताओं के लिए क्रिएटिव इनपुट्स देते हैं?
जब भी मैं कोई फिल्म साइन करता हूं स्टोरी पर बहुत सिटिंग्स करता हूं और अपने ३० दिनों के महीने में १० से १२ दिन मुझे क्रिएटिव इनपुट्स देने में जरूर लगते हैं। कहानी फिल्म की आत्मा होती है। उसमें कोई लापरवाही, ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए। सभी टीम मेंबर्स साथ में बैठकर अच्छी कहानी पर ध्यान देते हैं। मैं अपनी राय लेखकों की क्रिएटिव टीम को जरूर देता हूं।