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आउट ऑफ पैवेलियन….काश कंगारू होता विराटपुत्र

काश कंगारू होता विराटपुत्र
ये अपने आपमें एक अनोखी चाह है। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाजों में शुमार एलन बॉर्डर टीम इंडिया के कैप्टन विराट कोहली और उनकी बल्लेबाजी के मुरीद हैं। बॉर्डर ने कहा है कि वह चाहते हैं विराट का बच्चा ऑस्ट्रेलिया में जन्म ले ताकि बाद में उसे ऑस्ट्रेलियाई कहा जा सके। दरअसल, टीम इंडिया २७ नवंबर से ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी में उसके खिलाफ सीरीज खेलेगी। विराट कोहली वनडे और टी२० सीरीज में तो हिन्दुस्थान की कप्तानी संभालेंगे लेकिन चार मैचों की टेस्ट सीरीज में केवल पहला ही मुकाबला खेलेंगे। इसके बाद ३२ वर्षीय विराट स्वदेश लौट आएंगे और बीसीसीआई ने उनकी पैटरनिटी लीव को मंजूरी भी दे दी है। बॉर्डर ने एक इंटरव्यू में कहा, `हम उम्मीद कर रहे थे कि उनका बच्चा ऑस्ट्रेलिया में जन्म लेता। इससे हम बाद में दावा कर सकते थे कि वह ऑस्ट्रेलियाई है।’

एबी के घर आई येंते


क्रिकेट जगत में इन दिनों खिलाडियों के घर आ रहे मेहमानों की खबर है। हार्दिक पंड्या के घर नवजात आया तो विराट कोहली के घर इन्तजार चल रहा है। इस बीच एबी डिविलियर्स के घर नन्ही परी आई। और ये तीसरी बार है जब एबी पिता बने। एबी डिविलियर्स और उनकी पत्नी डेनियल डिविलियर्स ने सोशल मीडिया पर अपनी बेटी के साथ एक तस्वीर शेयर कर इस बात की जानकारी दी है। इससे पहले एबी डिविलियर्स और डेनियल डिविलियर्स के दो बेटे हैं। अब्राहम डिविलियर्स जूनियर और जॉन रिचर्ड डिविलियर्स। अब्राहम डिविलियर्स जूनियर का जन्म २०१५ और जॉन रिचर्ड का जन्म २०१७ में हुआ था। अब डिविलियर्स ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये पैâन्स के साथ यह खुशखबरी साझा की है। एबी डिविलियर्स और डेनियल डिविलियर्स ने बेटी के साथ तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन दिया है- हम अपनी दुनिया में एक खूबसूरत बेबी गर्ल का स्वागत करते हैं। एबी डिविलयर्स ने अपनी बेटी को नाम दिया है- येंते डिविलियर्स।

चानू की चाहत


हिंदुस्थानी महिला हॉकी इस बार ओलम्पिक में कुछ अलग कर दिखाने की चाहत से भरी हुई है। हरेक खिलाड़ी में एक अलग जोश है। इसमें से अनुभवी महिला खिलाड़ी सुशीला चानू पुखरामबम ओलंपिक खेलों से अनजान नहीं हैं। वह पिछले ओलंपिक खेल रियो ओलंपिक-२०१६ में टीम की कप्तान रह चुकी हैं। २८ साल की यह खिलाड़ी लगातार अच्छा करती आई हैं और उम्मीद करती हैं कि अगले साल टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों में उन्हें देश का प्रतिनिधित्व करने मौका मिलेगा। सुशीला ने कहा, `यह हर किसी के लिए अजीब साल रहा है। राष्ट्रीय टीम की सदस्य होने नाते मैं हमेशा तेजी वाले माहौल की आदि रही हूं, जहां हम एक के बाद एक मैच खेलते हैं, हमें दूसरी चीजों पर ध्यान देने का ज्यादा मौका नहीं मिलता।’ उन्होंने कहा, `अब जब हमारे हाथों में ज्यादा समय है, तो मैं पीछे मुड़कर काफी चीजों की तरफ देखती हूं और अपने करियर के अगले दौर के लिए तैयारी भी करती हूं। हमारे पास इतिहास रचने का मौका है न सिर्फ पहली बार ओलंपिक के लिए लगातार क्वालीफाई करते हुए बल्कि पोडियम खत्म करने के साथ भी।’

बेटे से भिड़ेंगे टायगर
टाइगर वुड्स को इस साल एक और टूर्नामेंट में खेलना है और यह उनके लिए किसी अन्य टूर्नामेंट जितना ही बड़ा है, क्योंकि वह इस गोल्फ टूर्नामेंट में अपने बेटे चार्ली के साथ खेलते हुए नजर आएंगे। पीएनसी चैंपियनशिप ने घोषणा की कि टूर्नामेंट में वुड्स ११ साल के चार्ली के साथ खेलेंगे। इस टूर्नामेंट में १९९५ से मेजर खिताब जीतने वाले गोल्फर अपने बेटों के साथ जोड़ी बनाएंगे। वुड्स १९९४ में पेशेवर गोल्फर बने थे। वुड्स ने कहा, मैं आपको बता नहीं सकता कि चार्ली के साथ अपने पहले आधिकारिक टूर्नामेंट में एक साथ खेलने को लेकर मैं कितना रोमांचित हूं। उन्होंने कहा, जूनियर गोल्फर के रूप में उन्‍हें प्रगति करते हुए देखना शानदार है और पीएनसी चैंपियनशिप में एक साथ खेलना बेहतरीन है।

(लेखक सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व दूरदर्शन धारावाहिक तथा डाक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।)