" /> बलिया गोलीकांड… सत्ता में हैं तो डर काहे का!….मुख्य आरोपी के समर्थन में उतरे भाजपा विधायक, बेटे ने भी दी सीएम को चेतावनी

बलिया गोलीकांड… सत्ता में हैं तो डर काहे का!….मुख्य आरोपी के समर्थन में उतरे भाजपा विधायक, बेटे ने भी दी सीएम को चेतावनी

दूसरे पक्ष के खिलाफ केस दर्ज कराने पहुंचे विधायक
कहा- धीरेंद्र पर पहले दूसरे पक्ष ने हमला किया था
विधायक के बयान से योगी सरकार की हुई फजीहत

यूपी के बलिया गोलीकांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डब्ल्यू के समर्थन में भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह खुलकर सामने आ गए हैं। शनिवार सुबह वो रेवती थाना में दूसरे पक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। विधायक के मुताबिक धीरेंद्र प्रताप सिंह और उनके समर्थकों पर पहले दूसरे पक्ष ने हमला किया था। भाजपा विधायक ने कहा कि अगर दूसरे पक्ष के खिलाफ केस दर्ज नहीं होगा तो धरने पर बैठ जाऊंगा।
इससे पहले सुरेंद्र सिंह ने कहा था कि धीरेंद्र प्रताप सिंह ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी। सुरेंद्र सिंह ने जिन घायलों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया था, उनमें से दो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह के बयान से योगी सरकार की काफी फजीहत हुई है। इसके बाद से विपक्ष योगी सरकार पर हमलावर है। इधर बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह के बेटे ने भी योगी सरकार को चेतावनी दे दी है। बेटे विद्याभूषण सिंह हजारी ने फेसबुक के जरिए कहा कि योगी जी, अब बर्दाश्त के बाहर हो रहा है। आपके शह पर प्रशासन अत्याचार का अंत कर रहा है। अब मजबूर होकर सड़क पर उतरेंगे।
इधर सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने कहा कि डेढ़ साल पहले धीरेंद्र सिंह ने सप्लाई इंस्पेक्टर के साथ गुंडागर्दी की थी, तब मामला दर्ज हुआ था लेकिन की गिरफ्तारी नहीं हुई। अब पता चला है कि आखिर भाजपा के राज में गुंडाराज क्यों बढ़ रहा है? योगी राज में सिर्फ गुंडों का मनोबल बढ़ा है। बता दें कि बलिया के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में १५ अक्टूबर को दोपहर बाद पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों की मौजूदगी में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात उस वक्त हुई जब कोटा की दुकान के लिए एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में गांव में खुली बैठक चल रही थी।

विधायक आरोपी के परिवार की महिलाओं को लेकर पहुंचे थे जिला अस्पताल
बलिया। बलिया जिले के दुर्जनपुर में कोटे की दुकान को लेकर हुए खूनी संघर्ष में घायल हुई आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह के परिवार की महिलाओं को लेकर भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल की इमरजेंसी में महिलाओं का मेडिकल कराते समय विधायक फफक-फफककर रो पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन पूरे मामले में एकतरफा कार्रवाई कर रहा है। पुलिस धीरेंद्र के घर में घुसकर तोड़फोड़ करने के साथ महिलाओं से बदतमीजी कर रही है। विधायक के साथ पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी जिला अस्पताल पहुंचे थे।
५० हजार रुपए का इनाम घोषित
बलिया गोलीकांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डब्ल्यू समेत ६ वांछित आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने ५०-५० हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। एसपी बलिया ने १५ अक्टूबर को रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में हुई घटना के संबंध में फरार आरोपियों पर ये इनाम राशि घोषित की है।

मुख्य आरोपी द्वारा सप्लाई इंस्पेक्टर को धमकी देनेवाला ऑडियो वायरल
बलिया। बलिया गोलीकांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डब्ल्यू का एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह राशन की दो दुकानों के आवंटन को लेकर तत्कालीन आपूर्ति निरीक्षक को धमकी दे रहा है। ऑडियो १५ मई, २०१९ का है, धीरेंद्र प्रताप सिंह एरिया के सप्लाई इंस्पेक्टर दुर्गा यादव को धमकी दे रहा है। ऑडियो में सप्लाई इंस्पेक्टर से बात करते हुए वह विधायक का नाम ले रहा है।

विधायक के सामने भाजपाइयों का कोतवाली में बवाल ….आरोपी को छुड़ा ले गए कार्यकर्ता
यूपी के लखीमपुर-खीरी जिले में मोहम्मदी कोतवाली में शुक्रवार की देर रात भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने उनकी पार्टी के एक युवक को कोतवाली के भीतर लाठी-डंडों से पीटा। इसके बाद विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह की अगुवाई में पहुंचे पचासों कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल किया और पुलिस अभिरक्षा से उस कार्यकर्ता को छुड़ा ले गए। बताते हैं कि शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सांसद रेखा वर्मा क्षेत्र में मौजूद थीं। उनके स्वागत समारोह के कार्यक्रम में तमाम भाजपा ही इकट्ठा थे। यही भाजपा के कार्यकर्ता पर महिला पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता करने का आरोप लगा। ड्यूटी पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने वापस आकर अपने साथ हुई घटना की जानकारी कोतवाल बृजेश त्रिपाठी को दी। इस बीच जिस कार्यकर्ता पर यह आरोप लग रहा था वह भी कोतवाली पहुंच गया और पुलिस से जा भिड़े। कार्यकर्ता का आरोप है कि वहां पुलिस ने उसको जमकर लाठी-डंडों से पीटा और हवालात में बंद कर दिया। इस मामले की सूचना मिलते ही विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह और तमाम समर्थक को लेकर कोतवाली पहुंच गए और वहां जमकर हंगामा किया।