पूरे पाकिस्तान का होगा मिनिटों में बालाकोट! भारतीय वायुसेना का हो रहा है कायाकल्प

पुलवामा हमले के बाद जिस सफाई के साथ आधी रात को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर बालाकोट के आतंकी कैंप को सिर्फ ९० सेकेंड में तबाह कर दिया था, वैसी मिसाल युद्ध इतिहास में कम ही देखने को मिलती है। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि वायुसेना ने मिराज २००० से हमला किया था जो ८० के दशक का विमान है। पिछले २० साल में हमारी वायुसेना को नए विमान नहीं मिले हैं। लेकिन अब तेजी से वायुसेना का कलेवर बदलने जा रहा है। न सिर्फ कलेवर बल्कि मारक क्षमता भी कई गुनी बढ़ जानेवाली है और यह दुनिया के अमेरिका, रूस व प्रâांस की वायुसेना के समकक्ष की होगी। इसके बाद अगर आतंक के आका पाकिस्तान ने हिंदुस्थान में पुलवामा जैसी जुर्रत की तो मिनटों में भारतीय वायुसेना पूरे पाकिस्तान का बालाकोट कर देगी।
भारतीय वायुसेना को सितंबर में रफाल की पहली खेप मिल जाएगी। अपग्रेडेड मिराज २००० के साथ ‘सुखोई ३० एमकेआई’ और स्वदेशी तेजस की तिकड़ी इस पांचवी पीढी के रफाल के साथ मिलकर दुश्मनों में खौफ पैदा करने और उन्हें नेस्तनाबूद करने के लिए लिए काफी है। इसी तरह हेलिकॉप्टर बेड़े में चिनूक, ध्रुव, चेतक और चीता की फुर्ती दुश्मनों को मार गिराने में पूरी तरह सक्षम है। चिनूक और अपाचे अमेरिकी हेलिकॉप्टर हैं। अपाचे लड़ाकू हेलिकॉप्टर हैं जिसकी एक खेप की डिलेवरी हाल ही में मिली है। चिनूक भारी युद्धक परिवहन हेलिकॉप्टर है। इसी तरह बंगलुरु की स्वदेशी कंपनी एचएएल पूरी क्षमता से देश के हवाई बेड़े को सशक्त बनाने में जुटी हुई है। इन सबके बाद भारतीय वायुसेना ‘किंग’ ऑफ स्काई बन जाएगी।