" /> 167 साल के इतिहास में पहली दफा थमी रेल : रेलवे को लॉक डाउन में 1490 करोड़ का नुकसान

167 साल के इतिहास में पहली दफा थमी रेल : रेलवे को लॉक डाउन में 1490 करोड़ का नुकसान

भारतीय रेलवे ने 16 अप्रैल को अपने रेल सफर के 167 साल पूरे कर लिए। 16 अप्रैल 1853 को जब पहली बार पैसेंजर ट्रेन चली थी तब से लेकर अब तक कई प्राकृतिक आपदाएं आई, मुंबई में 93 के दंगे और कई बम ब्लास्ट एवं आतंकी हमले हुए लेकिन कभी भी मुंबई की लाइफ लाइन लोकल ट्रेन हो या फिर पैसेंजर ट्रेनें कुछ घंटों से ज्यादा देर के लिए रुकी नहीं थी लेकिन पहली बार वैश्विक महामारी कोरोना के कारण लोकल ट्रेन के साथ-साथ मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के पहिये पूरी तरह से जाम हो गए हैं। ट्रेनों को बंद हुए लगभग 27 दिन हो गए हैं और ये अभी लगभग 13 दिन और बंद रहेंगी। इस कोरोना महामारी के कारण हुए लॉक डाउन के चलते रेलवे को अब तक करीब 1490 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। ऐसी जानकारी रेलवे बोर्ड से मिली है।

बता दें कि कोरोना की वजह से पूरे देश की उपनगरीय रेल सेवाओं सहित पैसेंजर ट्रेन सेवाओं को स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में 22 मार्च से 3 मई तक इन 40 दिन तक ट्रेन सेवा स्थगित रहेगी। रेलवे के इतिहास में यह पहली बार है जब एक साथ सभी ट्रनों के परिचालन पर इतने लंबे समय के लिए ब्रेक लगाया गया हो। भारतीय रेल की शुरुआत के बाद दो विश्व युद्ध हुए और उस दौरान भी ट्रेनें चलती रही थीं। उसके बाद देश का बंटवारा हुआ और फिर महामारी भी फैली लेकिन ट्रेन के संचालन पर कभी ब्रेक नहीं लगा था। यह पहली बार है जब यात्री ट्रेनों का परिचालन पूर्णत: बंद कर दिया गया है।

94 लाख टिकट रद्द : 1490 करोड़ का नुकसान
कोरोना वायरस को रोकने के लिए लगाए गए राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन के कारण 22 मार्च से 3 मई तक यात्रियों द्वारा बुक कराई गई 94 लाख टिकटों के रद्द होने पर भारतीय रेलवे को राजस्व में 1,490 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। भारतीय रेलवे ने कहा है कि लॉक डाउन की बढ़ी हुई अवधि के दौरान यात्रा के लिए बुक कराए गए टिकटों के पूरे पैसे वापस किए जाएंगे।

बोरी बंदर से ठाणे चली थी पहली ट्रेन
हिंदुस्थान में पहली ट्रेन अग्रेजों के शासनकाल में लली थी। तब पहली ट्रेन 16 अप्रैल 1853 को मुंबई के बोरी बंदर स्टेशन (छत्रपति शिवाजी टर्मिनल) से ठाणे के बीच चलाई गई थी। इसमें करीब 400 लोगों ने सफर किया था। पहली रेल यात्रा की दूरी करीब 34 किमी थी। हिंदुस्थान में रोजाना 20 हजार से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनें चलती हैं। इसमें लंबी दूरी की 3500 से ज्यादा ट्रेनें शामिल हैं। भारतीय रेलवे का नेटवर्क एशिया का दूसरा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। इसमें रोज करीब 2.5 करोड़ लोग यात्रा करते है।