" /> ईरानी कांदा करेगा देसी प्याज का वांदा… बंदरगाह पहुंची ६०० टन प्याज

ईरानी कांदा करेगा देसी प्याज का वांदा… बंदरगाह पहुंची ६०० टन प्याज

अनलॉक में होटल व रेस्टोरेंट खुलने से प्याज की बढ़ी मांग और भारी बारिश से प्याज की फसल को हुए नुकसान के कारण पूरे राज्य में प्याज के भाव ने लोगों के आंसू अभी से निकालने शुरू कर दिए हैं। एपीएमसी मार्केट में प्याज का भाव जहां ६० से ७० रुपए प्रति किलो है वहीं खुदरा बाजार में प्याज की कीमत ७० से ९० रुपए तक पहुंच गई है। देसी प्याज के भाव को गिराने के लिए मंडी में जल्द ही ईरानी प्याज दिखाई देगी। जानकारी के मुताबिक बंदरगाह पर करीब ६०० टन ईरानी प्याज की आवक हुई है ऐसे में व्यापारियों के बीच यह चर्चा है की ईरानी कांदा, देसी प्याज का वांदा करेगा।
निरंतर बारिश के कारण नई प्याज की फसल का भारी नुकसान हुआ है, जबकि व्यापारियों और किसानों को उम्मीद थी कि प्याज की कमी नहीं होने पाएगी लेकिन इस वर्ष तो अभी से ही उपभोक्ताओं को प्याज रुलाने लगा है। इस वर्ष आढ़तियों के पास भी प्याज का भंडार नहीं है इसलिए आनेवाले एक दो माह में प्याज की कीमत में और भी उछाल होने की संभावना है। व्यापारियों का कहना है कि अच्छी गुणवत्ता वाले पुराने प्याज की कीमतें बढ़ रही हैं और ऐसा ही रहा तो प्याज का भाव १०० रुपए से भी ऊपर जा सकता है। नई मुंबई कृषि उत्पन्न बाजार समिति मंडी में दो दिन पहले प्याज का थोक मूल्य ४५ से ५० रुपए प्रतिकिलो था, जो बढ़कर ६५ से ७० रुपए हो गया है। थोकमंडी में भाव बढ़ने से फुटकर मार्केट में प्याज ७० से ९० रुपए प्रतिकिलो बेचा जा रहा है।
जेएनपीटी पहुंची ईरानी प्याज
एपीएमसी मार्केट में प्याज की मांग की तुलना में आपूर्ति कम होने से आसमान छूते भाव को नियंत्रित करने के लिए व्यापारियों द्वारा ईरान से प्याज की मांग की गई है। सोमवार को ६०० टन ईरानी प्याज जेएनपीटी बंदरगाह पर पहुंच गया है, जिसमें से २५ टन प्याज एपीएमसी की कांदा-बटाटा मंडी में दाखिल हो चुका है।