" /> जन्माष्टमी को लेकर सजा बाजार, मास्क व पीपीई किट में दिख रहे है लड्डू गोपाल ,कोरोना काल के चलते नही होंगे सार्वजनिक आयोजन

जन्माष्टमी को लेकर सजा बाजार, मास्क व पीपीई किट में दिख रहे है लड्डू गोपाल ,कोरोना काल के चलते नही होंगे सार्वजनिक आयोजन

कोरोना महामारी के चलते पूरे देश में जन्माष्टमी पर्व पर होने वाले विभिन्न आयोजनों को इसबार स्थगित किया गया है। ऐसे में कान्हा को सिर्फ घर में पूजा जाएगा ।ज्ञात हो कि भगवान शिव की इस नगरी काशी में जन्माष्टमी के अवसर पर नटवर नागर की आराधना के लिए चातुर्दिक उल्लास का माहौल होता है। लेकिन इस बार कोरोना काल में लोगों को अपने अपने घरों में जन्माष्टमी माननी होगी। जन्माष्टमी पर शहर में प्रतिवर्ष इस्कॉन व हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी की ओर से वृहद आयोजन किया जाता था,जो शिव की नगरी काशी को कृष्णमय बनाने में कोई कोर कसर नही छोड़ती थी और इनका यह आयोजन तीन दिनों तक चलता था,लेकिन कोरोना महामारी के चलते श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव इस बार स्थगित कर दिया गया है। इस संदर्भ में हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी के अध्यक्ष श्री कृष्ण प्रताप प्रभु ने बताया की विगत लगभग 18 वर्षों से श्री कृष्ण जन्माष्टमी और श्री श्री राधा अष्टमी का आयोजन प्रतिवर्ष होता चला रहा है परंतु इस वर्ष कोरोना काल के कारण जन्माष्टमी का आयोजन संभव नहीं हो पा रहा है। निश्चित रूप से सोसाइटी के भक्तगण का आंतरिक मन दुखी है ,लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि इस वर्ष सभी भक्तगण अपने घरों पर ही जन्माष्टमी का आयोजन करेंगे। इसके अलावा सोसायटी के कुछ जिम्मेदार पदाधिकारी जन्माष्टमी के दिन प्रतिकारात्मक ढंग से 12 अगस्त को दोपहर में भगवान का अभिषेक श्रृंगार पूजन करके जन्माष्टमी की एक प्रतिकात्मक पूजा करेंगे।

वही दूसरी ओर इस कोरोना संक्रमण में जन्माष्टमी को ले कर बाजार में विशेष तैयारी की गई है। जिसके तहत नटवर नागर आप के घर पूरी तैयारी के साथ पीपीई किट और मास्क से लैस होकर आएंगे।

नटवर नदलाल का जन्मोत्सव घरो में मंगलवार को मनाया जाएगा। इसके पहले नटवर के भक्त उन्हें घर ला रहे हैं। इस बार कोरोना काल में नटवर का रंग रूप बदला सा नज़र आ रहा है। नटवर राधा के साथ तो हैं पर उनके चेहरे पर मास्क और शरीर पर पीपीई किट भी है। ये तैयारी की है काशी के दुर्गाकुंड इलाके में स्थित एक ज्वेलर्स ने, जो छोटे छोटे मास्क और पीपीई किट से नटखट नंदलाल को सजा रहे हैं और यहाँ यह वस्तु अलग से भी बिक रही है।

इस बारे में दुकानदार ने बताया कि इस वर्ष विश्व में वैश्विक महामारी को ध्यान में रखते श्रीकृष्ण के लिए मॉस्क, सेनेटाइजर और पीपीई किट तैयार कराया गया है। पीतल से अलग-अलग आकार में बने लड्डू गोपाल के लिए अलग-अलग आकार के मॉस्क, पीपीई किट और कोरोना पगड़ी बनाई गई है।

जन्माष्टमी को लेकर शहर के विभिन्न हिस्सों में सजे दुकानों पर कान्हा की पोशाकें, हिंडोले, पालना, सजावट का सामान कृष्ण भक्तों को लुभा रहा है। बाजार में डिजाइनर कान्हा के लिए झूले की सबसे अधिक मांग है। बाजारों के अलावा महिलाएं घरों में भी कान्हा की पोशाक और झूले तैयार कर रही हैं। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते लोग बाजारों में भले ही कम जा रहे हैं।